पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा अपने पांच साल के पापों के लिए माफी मांग ले, मैं निश्चित तौर पर राजनीति से संन्यास ले लूंगा। उन्होंने कहा कि जहां तक खनन पट्टों का सवाल है, मेरे कार्यकाल में एक भी खनन का पट्टा जारी नहीं किया गया। हां जब नवप्रभात खनन मंत्री बने थे, उन्होंने जरूर कुछ क्रेशर को अनुमति दी थी। इसके अलावा विजय बहुगुणा के मुुख्यमंत्री रहते हुए भी कुछ खनन पट्टों को अनुमति दी गई थी।
हरीश रावत राजनीति से न लें संन्यास : पांडे
सरकारी नौकरियों पर पूर्व सीएम हरीश रावत की चुनौती को स्वीकारते हुए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने दस हजार लोगों को नौकरी देने का ब्योरा देने का दावा किया। मंत्री ने यह भी कहा कि हरीश रावत राजनीति से संन्यास न लें, बस वो राजनीतिवश जनता के बीच भ्रामक तथ्य रखना छोड़ दें। पूर्व सीएम हरीश रावत ने हल्द्वानी में विजय संकल्प शंखनाद जनसभा में सरकार को चुनौती दी थी कि वह अपने कार्यकाल में सरकारी नौकरी पाए 3200 लोगों के नाम बता दे तो वह राजनीति छोड़ देंगे। शुक्रवार को मंत्री ने इस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बेसिक में 2648 पदों पर नियुक्तियां चल रही हैं और 1881 पदों पर दी जा चुकी हैं। माध्यमिक में एलटी के 1818 पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं। 1431 पदों पर प्रक्रिया जारी है। लेक्चरर के 1414 पदों पर नियुक्तियां हो चुुकी हैं। 4410 गेस्ट टीचरों को नियुक्तियां दी गई हैं।
पूर्व सीएम हरीश रावत का बयान झूठ का पुलिंदा
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश रावत ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बयानों को झूठ का पुलिंदा करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के राज में कितनी नौकरियां लगी हैं, यह हरीश रावत सूचना के अधिकार के माध्यम से जानकारी ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के साढ़े चार साल के कार्यकाल में हजारों बेरोजगारों को नौकरियां मिली हैं। दो वर्ष कोरोना के कारण जो औद्योगिकीकरण होना था, वह नहीं हो पाया, लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस ओर भी प्रयास कर रहे हैं। सभी रिक्त पदों को दो महीने में भर लिया जाएगा। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा हरीश रावत की सरकार में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर था। माफियाओं का राज चल रहा था। बिना पैसे कोई काम नहीं हो रहा था। उत्तराखंड की जनता सब जानती है। इसीलिए पूर्व मुख्यमंत्री को दोनों सीटों से हराकर जनता ने उनके भ्रष्टाचारी शासन को हटा दिया। उन्होंने पूर्व मंत्री यशपाल आर्य पर आरोप लगाया कि चार वर्ष तक मंत्री रहने के दौरान उनके गलत कामों को भाजपा की ईमानदार मुख्यमंत्री ने नहीं होने दिया। उन्होंने हरीश रावत को सलाह दी कि वह अपने केंद्रीय नेता सलमान खुर्शीद को बताएं कि हिंदुत्व और आईएसआई में क्या अंतर है।