फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand Election 2022: मुख्यमंत्री धामी पर रिपोर्ट की मांग लेकर कांग्रेस पहुंची चुनाव आयोग, लगाया आचार संहिता उल्लंघन का आराेप

Fri, 14 Jan 2022 10:36 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर आचार संहिता और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के व्यापक उल्लंघन का आरोप लगाया।
विज्ञापन
पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मिलकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्य सचिव और सरकार के अन्य अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मांग उठाई है। पार्टी का आरोप है कि राज्य सरकार पिछली तिथियों से नियुक्तियां की हैं और विभागीय रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर आदर्श चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन कर रही है।

विज्ञापन


आचार संहिता और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के व्यापक उल्लंघन का आरोप
चुनाव आयोग को सौंपे अभिषेक मनु सिंघवी, हरीश रावत, रणदीप सुरजेवाला, गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह, देवेंद्र यादव, प्रणव झा और अमन पंवर के हस्ताक्षर वाले ज्ञापन में कांग्रेस ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर आचार संहिता और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के व्यापक उल्लंघन का आरोप लगाया।

उसने कहा कि भाजपा सरकार को पता है कि आने वाले चुनाव में उत्तराखंड के लोग उसे सत्ता से बेदखल करने वाले हैं। इसलिए सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर पिछली तिथियों से नियुक्तियां, तबादले, पोस्टिंग आदि किए जा रहे हैं। उसने इसके लिए आपराधिक कार्रवाई शुरू कर मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एसएस संधु व अन्य अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग उठाई है।
विज्ञापन


Uttarakhand Election 2022: महिला योद्धाओं का सियासी रण, पार्टियों में आधी आबादी की कितनी हिस्सेदारी, पढ़ें खास रिपोर्ट

पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में भाजपा नेताओं की पिछली तिथियों से की गई नियुक्तियों को गैरकानूनी घोषित कर देना चाहिए। यह भी आचार संहिता और अन्य कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन है। राज्य के कई हिस्सों में शिक्षकों के तबादले भी किए जा रहे हैं। पार्टी ने मंडी समिति और राज्य के अन्य विभागों में कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन कर नियुक्तियों का आरोप लगाते हुए इन्हें रद्द करने और नई नियुक्तियों वाले अभ्यर्थियों को प्रभार संभालने से रोकने की भी मांग की।
विज्ञापन


विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त करने की उठाई मांग
कांग्रेस ने साथ ही चुनाव आयोग से मांग की कि चुनाव की घोषणा के 72 घंटे पहले और बाद तक राज्य सरकार की ओर से पारित आदेशों की जांच के लिए अपने विशेष पर्यवेक्षक की नियुक्ति करे। इस दौरान देखा जाए कि कौन सी नियुक्तियां सरकार ने अनुचित राजनीतिक लाभ पाने के लिए की हैं। उत्तराखंड में वोटिंग 14 फरवरी को होनी है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें