हरक रावत ने मीडिया से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राजनीति रूप से हरीश रावत भरोसे के लायक नहीं हैं। उन्होंने कहा एक बार आदमी छलनी पर भरोसा कर सकता है कि छलनी में पानी रोका जा सकता है, लेकिन हरीश रावत पर भरोसा नहीं किया जा सकता। ऐसे में अगर कोई कार्यकर्ता पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भरोसा करता है तो यह समझा जा सकता है कि वो हरीश रावत को नहीं समझा है।
हरक ने लगाया चरित्र हनन का भी आरोप
हरक सिंह रावत ने हरीश रावत पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हरक ने हरदा के करीबियों पर उन्हें चरित्र हनन मामले में फंसाने का आरोप लगाया है। हरक ने कहा 2016 में जब उन्होंने कांग्रेस छोड़ी थी, तो उसके बाद हरीश रावत के करीबी लोगों ने कई लड़कियों से संपर्क कर पैसे देकर उन पर झूठे आरोप लगाकर फंसाने की कोशिश की। जिसके सबूत उनके पास हैं।
मैं गलत होता जेल में डलवा देते हरीश भाई
हरक सिंह ने कहा कि मेरी सहसपुर की जमीन के लिए एसआईटी जांच कराई गई। मैं जरा सा भी गलत होता तो हरीश भाई ने मुझे जले में डलवा देना था। इसके बावजूद उन्होंने कोशिश कम नहीं की, लेकिन कुछ कर नहीं पाए। उन्होंने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र स्थित कार्यालय को सीएम हरीश रावत ने बंद कराया। उन्हें उस समय लगा होगा कि पता नहीं कौन सा खजाना छिपा हुआ है। उन्होंने कहा भाजपा ने उनको सम्मान दिया। जबकि कांग्रेस में रहते हुए उन्हें फंसाने की कोशिश की गई।