भाजपा ने युवा चेहरे पुष्कर सिंह धामी के हाथों में प्रदेश की सत्ता की कमान सौंपी। अब पार्टी युवा मुख्यमंत्री के नारे के साथ चुनाव में जा रही है। रणनीति के तहत प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर प्रांतीय नेतृत्व की जुबान पर युवा उत्तराखंड, युवा मुख्यमंत्री और युवा सरकार का नारा तैरता नजर आएगा।
संकेत भांप दावेदारी में उतरे युवा चेहरे
भाजपा केंद्रीय नेतृत्व की युवाओं और महिलाओं को दिए जा रहे महत्व को देखते हुए पार्टी में दूसरी पंक्ति के नेताओं ने विधानसभा सीटों पर अपनी दावेदारी शुरू कर दी है। पोस्टरों, बैनरों के जरिये वे अपनी-अपनी विधानसभाओं में उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
संगठन भी तोल रहा युवा चेहरों का दमखम
भाजपा के केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व भी टिकट की दावेदारी करने वाले युवा चेहरों का दमखम टटोल रहा है। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का मानना है कि चुनाव में टिकट की दावेदारी का सबसे मजबूत पक्ष जिताऊ होना है। चेहरा युवा हो या बुजुर्ग, टिकट की सबसे पहली शर्त जिताऊ उम्मीदवार ही रखी है। सर्वे की रिपोर्ट के अलावा केंद्रीय नेताओं की एक टीम अब कमजोर माने जाने वालीं सीटों पर मोर्चा संभालेगी। केंद्रीय नेता पार्टी के पक्ष में सिर्फ माहौल ही नहीं बनाएंगे, बल्कि स्थानीय फीड बैक के जरिये उन चेहरों को खोजेंगे, जो चुनाव में पार्टी के तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं।
भाजपा विधानसभा चुनाव में टिकट आवंटन में युवाओं और महिलाओं को तरजीह देगी। युवा मुख्यमंत्री, युवा राज्य और युवा उम्मीदवार अबकी बार साठ पार का संकल्प पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगे। पार्टी युवा चेहरों को भी उम्मीदवार बनाएगी।
- मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा