मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से उत्तराखंड में लघु जल विद्युत परियोजनाओं के विकास और निर्माण के लिए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा अनुदान देने के लिए नई नीति व दिशा-निर्देश शीघ्र निर्धारित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य में चल रहीं लघु जल विद्युत परियोजनाओं के टैरिफ को कम करने के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वीकृत सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना के लिए निर्धारित समयावधि को विस्तारित करने और अवशेष कार्यों को जल्द पूर्ण कराने के लिए संबंधित एजेंसी को निर्देशित करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने किशाऊ परियोजना पर चर्चा करते हुए कहा कि परियोजना की विद्युत घटक लागत एवं जल घटक लागत को भविष्य में परियोजना की कुल पुनरीक्षित लागत के सापेक्ष क्रमश: 13.3 प्रतिशत व 86.7 प्रतिशत पर स्थिर करने की मांग की।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को बिना किसी बाधा सीमा के अपने जलांश का उपयोग करने और अपने जलांश के अनुपयोगी जल को (यदि कोई हो) किसी भी राज्य को विक्रय करने की अनुमति देने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को पूर्व में अपर यमुना रीवर बोर्ड द्वारा आवंटित जलांश 3.814 प्रतिशत से कम न किया जाए। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना के कार्यान्वयन को गति प्रदान करने हेतु इन संशोधनों के साथ अंतरराज्यीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित करने के संबंध में कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
लखवाड़ परियोजना की स्वीकृति का अनुरोध
मुख्यमंत्री ने देहरादून में यमुना नदी पर स्थित लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना पर चर्चा करते हुए कहा कि परियोजना निर्माण हेतु सभी जरूरी स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं। उन्होंने केद्रीय मंत्री से भारत सरकार की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति से लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना की शीघ्र वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।
हल्द्वानी की लाइनों को भूमिगत कराने की मांग
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार के कुंभ में ओवरहेड बिजली लाइनों को भूमिगत करने पर केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने मांग की कि केंद्र की वित्त पोषित योजना से हल्द्वानी की बिजली लाइनों को भी भूमिगत किया जाए।
स्मार्ट मीटर खरीद में मदद बढ़ाने की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा मंत्रालय की योजना के तहत ओपेक्स मोड में स्मार्ट मीटर एवं प्री-पेड मीटर लगाना प्रस्तावित है। केन्द्र सरकार द्वारा स्मार्ट मीटर और प्री-पेड मीटर के अन्तर्गत सकल बजट सहायता में कुल लागत का केवल 15 प्रतिशत ही देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने मांग की कि इस 15 प्रतिशत को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली भी मौजूद रहे।