कोठियाल ने कहा कि वह राजनीतिज्ञ नहीं हैं लेकिन उनकी इच्छा है कि उनका बचा हुआ जीवन राज्य के नवनिर्माण के काम में आए। ऐसे नवनिर्माण के लिए भगत सिंह जैसी सोच चाहिए जो उत्तराखंड के हर युवा के पास है। उन्होंने कहा कि मुझे राजनीति करनी नहीं आती। मैं हमेशा से ही एक सैनिक रहा हूं और मेरे अंदर देश भक्ति का जज्बा है। मुझे राजनीति भले ही ना आए, लेकिन फौज में रहते हुए मुझे फैसले लेने बखूबी आते हैं और लीडरशिप क्वालिटी से मैं भलीभांति परिचित हूं।
कांग्रेस-भाजपा की प्रदेश के विकास नहीं विधायक बचाने पर नजर
कोठियाल भाजपा और कांग्रेस पर तंज कसने से भी नहीं चूके। कहा कि दोनों ही दलों की नजरें अब राज्य के विकास से ज्यादा अपने विधायकों को बचाने पर हैं। 20 सालों से ऐसे ही चल रहा है। जनता अब सब कुछ जान चुकी है। दोनों पार्टियां आम आदमी पार्टी पर शब्दों की गोलियां बरसा रहे हैं और हमारी पार्टी की चाल उस सेना की तरह है जो आगे बढ़ती रहती है। अगर गोलियां सामने से चल रही हैं तो इसका मतलब है कि हम बिल्कुल सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।