वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में कुल मतदान का 25.45 प्रतिशत हिस्सा मतदाताओं ने भाजपा को दिया तो 26.91 प्रतिशत वोट कांग्रेस के हिस्से में आए। वहीं 10.93 प्रतिशत वोट लेकर बसपा ने चौंकाया तो 16.30 प्रतिशत निर्दलियों को देकर खुश किया।
इसके बाद वर्ष 2007 के चुनाव में भाजपा के हिस्से में 31.90 प्रतिशत वोट आए तो कांग्रेस ने भी अपना रुतबा बढ़ाते हुए 29.59 प्रतिशत मत हासिल किए। वहीं बसपा को 11.76 प्रतिशत तो निर्दलियों को 10.81 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। वर्ष 2012 की बात करें तो इस बार भी भाजपा-कांग्रेस का मत प्रतिशत बढ़ा।
दोनों दलों को क्रमश: 33.13 और 33.79 प्रतिशत मत मिले। जबकि बसपा का मत प्रतिशत बढ़कर 12.19 प्रतिशत पर जा पहुंचा। वहीं निर्दलियों को 12.34 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। वर्ष 2017 में भाजपा ने सर्वाधिक 46.51 प्रतिशत मत पाकर सारे रिकार्ड तोड़ दिए तो कांग्रेस के प्रदर्शन में मामूली अंतर के साथ वह 33.49 प्रतिशत पाकर पुन: दूसरे नंबर पर रही। वहीं बसपा का मत प्रतिशत गिरकर 6.98 पर जा पहुंचा तो निर्दलियों को 10.04 प्रतिशत पर ही संतोष करना पड़ा।
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इस बार घटेगा या बढ़ेगा हार-जीत का अंतर
वर्ष 2017 के विस चुनाव में भाजपा ने जहां 57 सीटें पाकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था, वहीं कांग्रेस 11 सीटों पर सिमट गई थी। इनमें एक मात्र सीट हल्द्वानी की ऐसी थी, जो इंदिरा ह्दयेश ने साढ़े छह हजार वोटों के अंतर से जीती थी, जबकि दो सीटें एक हजार से भी कम अंतर, चार सीटें दो हजार से भी कम अंतर और चार सीटें चार हजार से भी कम अंतर से कांग्रेस ने जीती थीं।
भाजपा के पूरण सिंह फर्तवाल 148 वोटों से जीते थे तो कांग्रेस के दिग्गज नेता गोविंद सिंह कुंजवाल को मात्र 399 वोटों से जीत मिली थी। वहीं भाजपा की रेखा आर्य ने मात्र 710 तो भाजपा की ही मीना गंगोला ने मात्र 805 वोटों से जीत दर्ज की थी। माना जा रहा है कि बीते चुनाव में मोदी मैजिक की वजह से ऐसा हुआ था, इस बार हार-जीत का यह अंतर घट-बढ़ सकता है।
पूरे चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा ने तमाम ऐसी चालें चलीं ताकि चुनाव मुद्दों से भटक जाए। उपलब्धियों के नाम पर उनके पास बताने के लिए कुछ नहीं था। हम उत्तराखंड के मुद्दों पर अडिग रहे। पूरे चुनाव में हमें जनता का भरपूर सहयोग मिला है। यह तय है कि 10 मार्च को हम सरकार बनाने जा रहे हैं।
- गणेश गोदियाल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
चुनाव में मतदाताओं का उत्साह देखते ही बना। भाजपा जिन मुद्दों को लेकर चुनाव में जनता के बीच गई, जनता ने उन्हें हाथों हाथ लिया। हमें पूरा भरोसा है कि मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया। इसमें कोई संदेह नहीं कि भाजपा एक बार फिर सरकार बनाने जा रही है। - मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा