फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: दो साल पहले रिटायर हुए शिक्षक को विभाग ने भेजा नौ लाख की वसूली का नोटिस, पढ़ें पूरा मामला

Mon, 20 Feb 2023 07:38 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

सेवानिवृत्त शिक्षक रामकृष्ण बिजल्वाण के मुताबिक, दो साल पहले सेवानिवृत्ति होने के बाद उन्हें यह कहकर पेंशन नहीं दी जा रही कि वर्ष 2006 से उनका गलत वेतन निर्धारण हुआ है, पर सेवा में रहते हुए विभाग की ओर से जानकारी नहीं दी गई।
विज्ञापन
नोटिस (सांकेतिक फोटो)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड शिक्षा विभाग जूनियर हाईस्कूल रिखाऊ नौगांव उत्तरकाशी से दो साल पूर्व सेवानिवृत्त शिक्षक को पेंशन एवं अन्य देयकों का लाभ यह कहते हुए नहीं दे रहा कि वर्ष 2006 से उनका गलत वेतन निर्धारण हुआ है, जबकि इस बीच न सिर्फ शिक्षक को विभाग ने पदोन्नति दी, बल्कि उन्हें चयन वेतनमान का भी लाभ दिया। वहीं, अब विभाग ने शिक्षक को नौ लाख रुपये से अधिक की वसूली का नोटिस दिया है।

विज्ञापन


Dehradun: हाउस टैक्स निर्धारण के लिए ड्रोन से होगा बस्तियों का सर्वे, अब निगम के पास होगी असल तस्वीर

सेवानिवृत्त शिक्षक रामकृष्ण बिजल्वाण के मुताबिक, दो साल पहले सेवानिवृत्ति होने के बाद उन्हें यह कहकर पेंशन नहीं दी जा रही कि वर्ष 2006 से उनका गलत वेतन निर्धारण हुआ है, पर सेवा में रहते हुए विभाग की ओर से जानकारी नहीं दी गई। विभाग में प्राथमिक सहायक से जूनियर सहायक के पद पर उनकी पदोन्नति हुई।
विज्ञापन


बताया, उन्हें इस पद पर रहते हुए जून 2020 में चयन वेतनमान एवं भत्ते दिए गए। यदि गलत वेतन निर्धारण से वसूली बनती थी तो विभाग को पदोन्नति और चयन वेतनमान पर आपत्ति करनी चाहिए थी, पर ऐसा नहीं किया। अब उप शिक्षा अधिकारी नौगांव की ओर से नौ लाख रुपये से अधिक की वसूली का नोटिस भेजा गया है।
विज्ञापन


वेतन निर्धारण के दौरान शिक्षकों से लिखवाया जाता है कि यदि गलत निर्धारण हुआ है तो रिकवरी होगी। वर्तमान दौर में सबको मालूम होता है कि उन्हें जो वेतन मिल रहा है वे सही है या गलत। विभाग में कई शिक्षकों के साथ ऐसा हुआ है, कुछ शिक्षक इसके खिलाफ कोर्ट गए हैं।
-गुलफाम अहमद, वित्त नियंत्रक शिक्षा विभाग

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें