लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 917 प्रवक्ताओं में कितनों ने ज्वाइनिंग दी है, इसकी जानकारी शिक्षा विभाग के अफसरों को नहीं है। विभाग से ज्वाइनिंग रिपोर्ट नहीं मिलने से रिक्त रहे पदों पर वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी नहीं हो पा रही है। शिक्षा विभाग दो महीने बाद भी कार्यभार ग्रहण न करने वाले अभ्यर्थियों की रिपोर्ट नहीं बना पाया है।
लोक सेवा आयोग ने प्रदेश में प्रवक्ताओं के 917 पदों पर भर्ती के लिए चार सितंबर 2018 में आवेदन मांगे थे। आयोग ने इसके बाद अधिकतर पदों पर अभ्यर्थियों का चयन कर शिक्षा विभाग को अक्तूबर 2019 में चयनित अभ्यर्थियों की सूची सौंप दी थी। शिक्षा विभाग की ओर से चयनित अभ्यर्थियों को विभिन्न विद्यालयों में नियुक्तियां दी गईं, लेकिन कुछ अभ्यर्थियों के दो जगहों (सामान्य शाखा और महिला शाखा) से चयन के चलते कुछ पद खाली रह गए, लेकिन शिक्षा विभाग दो महीने बाद भी खाली पदों का पता नहीं लगा पाया है।
यह हाल तब है, जबकि लोक सेवा आयोग से विभाग को प्रतीक्षा सूची के 25 फीसदी अभ्यर्थियों की सूची सौंप दी गई है। अधोईवाला निवासी खजान सिंह की ओर से विभाग से सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में शिक्षा विभाग की उप निदेशक एवं लोक सूचना अधिकारी कमला बड़वाल की ओर से बताया गया है कि कार्यभार ग्रहण न करने से रिक्त रह गए पदों की सूचना कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। जबकि लोक सेवा आयोग की ओर से प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध करा दी गई है।
2014 की प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को 2019 में मिली नियुक्ति
शिक्षकों की भर्ती के बाद नई नियुक्ति के शिक्षकों के कार्यभार ग्रहण करने से रिक्त पदों पर प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाती है। अभ्यर्थियों के मुताबिक एक साल के भीतर यह नियुक्ति देनी होती है। जबकि शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2014 की प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को वर्ष 2019 में नियुक्ति दी गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग में एक ओर जहां शिक्षकों की भारी कमी बनी है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की नियुक्ति में देरी की जा रही है।
प्रवक्ता भर्ती में कुछ अभ्यर्थियों का सामान्य एवं महिला दोनों शाखाओं में चयन हो गया है। इस वजह से कुछ पद खाली रह गए हैं। गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों से कार्यभार ग्रहण न करने वाले प्रवक्ताओं की जानकारी मांगी गई है। जिसे शासन को भेजा जाएगा। इसके बाद शासन के माध्यम से इसे लोक सेवा आयोग को भेजकर रिक्त पदों पर प्रतीक्षा सूची वालों को नियुक्ति दी जाएगी।
-आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा