टैक्सी का किराया 20 हजार बढ़ाया
शासनादेश के मुताबिक, दायित्वधारियों के लिए सरकारी वाहन उपलब्ध न होने पर वे टैक्सी किराये पर ले सकते हैं। अभी तक टैक्सी का किराया प्रति माह 60 हजार रुपये निर्धारित था, जिसे 20 हजार बढ़ाकर 80 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इस मासिक किराये में वाहन के साथ वाहन चालक, वाहन की देखरेख व ईंधन का खर्च भी शामिल है। यदि दायित्वधारी स्वयं का वाहन प्रयोग में लाएंगे तो उन्हें 40 हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान होगा।
ये सुविधाएं भी मिलती हैं दायित्वधारियों
- आवास व दफ्तर : सरकारी आवास/ कार्यालय उपलब्ध न होने पर कार्यालय सह आवासीय भत्ता अधिकतम 25 हजार रुपये प्रतिमाह, यदि सरकारी दफ्तार है तो कार्यालय भत्ता अधिकतम 10 हजार प्रतिमाह और आवास भत्ता अधिकतम 15 हजार रुपये।
- टेलीफोन-मोबाइल : हर महीने एकमुश्त 2000 रुपये प्रतिमाह, सरकारी कर्मचारी या चपरासी न होने पर 15 हजार रुपये प्रतिमाह पर एक वैयक्तिक सहायक और 12 हजार रुपये प्रतिमाह में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रख सकेंगे।
- रेल द्वारा यात्रा करने पर उच्चतम श्रेणी में एक बर्थ तथा वायुयान से यात्रा में एक सीट मिलेगी। एक महीने दो बार वायुयान यात्रा का भत्ता मिलेगा।
- यात्राओं के दौरान किसी किराये या विद्युत बिल का भुगतान किए बिना सर्किट हाउस या अन्य सरकारी निरीक्षण भवन में ठहरने की सुविधा होगी।