वरिष्ठ विधायकों के नामों की भी चर्चा
अनुभवी विधायकों के साथ पार्टी के कई वरिष्ठ विधायकों के नामों की भी खूब चर्चा हो रही है। इनमें से एक नाम वरिष्ठ विधायक मुन्ना सिंह चौहान का है। जब-जब भाजपा की सरकारें बनीं और मुन्ना विधायक रहे तो उन्हें मंत्री बनाए जाने की चर्चाएं हमेशा होती रही हैं। वरिष्ठ विधायकों के तौर पर दूसरा नाम विनोद चमोली का है। हरिद्वार संसदीय क्षेत्र से पार्टी के वरिष्ठ विधायक आदेश चौहान और प्रदीप बतरा के नाम की भी चर्चा है। पार्टी विधायक सहदेव पुंडीर, उमेश शर्मा काऊ, पौड़ी संसदीय क्षेत्र से दिलीप सिंह रावत, भरत सिंह चौधरी और अनिल नौटियाल का नाम भी चर्चाओं में है। पहली बार बने विधायकों में से शिव अरोड़ा का नाम भी सुर्खियों में है।
क्षेत्रीय, जातीय समीकरण बनेगा आधार
भाजपा सूत्रों और राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बेशक पार्टी में अनुभवी और खांटी विधायकों की लंबी कतार है, लेकिन किस्मत उसी की चमकेगी जो क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों की कसौटी पर खरा उतरेगा। बता दें कि प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद धामी कैबिनेट में पांच कुर्सियां खाली हैं।