विभाग ने कंपनी को उसके काम के लिए 80 फीसदी तक भुगतान कर दिया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार बाकी का भुगतान हैंडओवर प्रक्रिया के बाद किया जाना था। इससे पहले ही कंपनी ने बिना बताए यह हरकत कर डाली। इस मामले में विभाग में भी चिंता का माहौल है। बताया यह भी जा रहा है कि इस कंपनी ने अब मेघालय में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में पोर्टल और ऐप विकसित करने का ठेका भी लिया है।