वीर भूमि फाउंडेशन ने आशारोडी चेक पोस्ट पर दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों की आरटीपीसीआर या वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट की जांच की मांग की है। इस संबंध में फाउंडेशन ने एसएसपी को ज्ञापन सौंपकर इसके लिए निर्देश जारी किए जाने की मांग की।
फाउंडेशन के अध्यक्ष राजेश रावत ने कि फाउंडेशन की जानकारी में आया है कि आशारोडी चेक पोस्ट पर बाहरी राज्यों से आने वाले लोग बिना किसी रोक के लिए आ रहे हैं। पहले यहां लोगों की कोरोना जांच की जा रही थी लेकिन अब जांच बंद कर दी गई है।
न तो यहां आरटीपीसीआर रिपोर्ट चेक की जा रही है और न ही कोरोना वैक्सीनेशन रिपोर्ट। इसमें पुलिस के साथ ही स्वास्थ्य विभाग भी लापरवाही बरत रहा है। कहा कि वैज्ञानिक लगातार तीसरी लहर की आंशका जता रहे हैं, ऐसे में जांच में लारवाही बरतने का मतलब है उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण को बढ़ावा देना।
कहा कि संक्रमण वैसे भी अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में लापरवाही भारी पड़ सकती है। एसएसपी से उन्होंने चेक पोस्ट पर बाहर से आने वाले लोगों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट या वैक्सीनेशन रिपोर्ट की जांच के निर्देश देने की मांग की है।
कुंभ के दौरान कोविड सैंपल जांच में फर्जीवाड़े पर स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने उच्च अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। बृहस्पतिवार तक मंत्री को जांच रिपोर्ट मिल सकती है। जिसके बाद फर्जीवाड़े में जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हरिद्वार में कुंभ के दौरान सैंपल टेस्ट का कार्य कई फर्मों को दिया था। जिसमें एक लाख से अधिक सैंपलों की जांच में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया।
इस पर शासन की ओर से जिलाधिकारी हरिद्वार को जांच सौंपी गई थी। डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने मामले की जांच की। जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। लेकिन अभी तक जांच के आधार पर शासन व विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि कुंभ के दौरान कोविड सैंपल जांच मामले में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। एक-दो दिन के भीतर रिपोर्ट मिल जाएगी। जिसके बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।