अदालतों में पेशी के दौरान अब हाजिर हो की पुकार नहीं सुनाई देगी। मुगल और ब्रिटिश काल से चली आ रही यह व्यवस्था बंद होने जा रही है। यह संभव होगा ई कोर्ट के चलते।
इसमें हर कोर्ट के बाहर इलेक्ट्रानिक डिस्पले बोर्ड लगेंगे। पेशकार के केस नंबर दबाते ही बोर्ड में वादकारियो का नाम और नंबर दिखाई देने लगेगा। वही किसी भी केस की जानकारी के लिए कोर्ट परिसर में कियोस मशीन लगेगी। एटीएम की तर्ज पर काम करने वाली इस मशीन के जरिये कोई भी व्यक्ति अपने केस से संबंधित जानकारी पा सकेगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ई कोर्ट प्रोजेक्ट के जरिये कोर्ट की कार्रवाई इलेक्ट्रानिक माध्यम से की जानी है। इसके पहले चरण में देहरादून, विकासनगर और ऋषिकेश की अदालतों द्वारा जेल से कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है।
वही एसएमएस के जरिये घर बैठे वादकारियों को केस की अलगी तारीख की जानकारी मिलने लगी है। यह जानकारी केवल उन्हीं वादकारियों एवं अधिवक्ताओं को मिल रही है जिनके मोबाइल नंबर कोर्ट परिसर में बने केस फाइलिंग सेंटर में रजिस्टर्ड हैं।