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Dehradun: तीन और मेडिकल कॉलेजों में शुरू होगी जीनोम सीक्वेसिंग, केंद्र से मांगी तीन लाख कोविड वैक्सीन

Sat, 24 Dec 2022 11:54 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

राज्य के मेडिकल कॉलेजों देहरादून, श्रीनगर, हल्द्वानी व अल्मोड़ा में प्रतिदिन 11 हजार से अधिक आरटीपीसीआर टेस्टिंग की क्षमता है जबकि इन मेडिकल कॉलेजों में स्थापित जीनोम सीक्वेंसिंग लैब में प्रतिमाह दो हजार से अधिक जीनोम सीक्वेसिंग की क्षमता है। वर्तमान में दून मेडिकल कॉलेज में संक्रमित सैंपलों की जीनोम सीक्वेसिंग की जा रही है।
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धन सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजकीय मेडिकल कॉलेज दून के बाद प्रदेश सरकार जल्द ही तीन और मेडिकल कॉलेजों में भी कोविड संक्रमित सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग लैब स्थापित करेगी। इसके लिए नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) दिल्ली से पंजीकरण की अनुमति मांगी है। इसके अलावा बूस्टर डोज लगाने के लिए केंद्र सरकार से तीन लाख कोविड वैक्सीन मांगी गई हैं।

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शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों की वर्चुअल बैठक हुई, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राज्य की स्वास्थ्य तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोरोना की जांच के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट बढ़ाने के साथ ही चारों मेडिकल कॉलेजों में जीनोम सीक्वेंसिंग लैब की स्थापना की जा चुकी हैं।

दून मेडिकल कॉलेज में जीनोम सीक्वेंसिंग जांच की जा रही है। सरकार ने बूस्टर डोज लगाने के लिए अभियान चलाया है। इसके लिए राज्य को तीन लाख बूस्टर डोज उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह, निदेशक एनएचएम डॉ. सरोज नैथानी, डॉ. पंकज सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। 
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तैयारियों को परखने के लिए 27 दिसंबर को मॉक ड्रिल 
बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सभी राज्यों को निर्देश दिए कि कोविड टीकाकरण, आरटीपीसीआर जांच बढ़ाने के साथ संक्रमित सैंपलों की अनिवार्य रूप से जीनोम सीक्वेंसिंग की जाए। सभी राज्य अपनी तैयारियों को परखने के लिए 27 दिसंबर को अस्पतालों में मॉक ड्रिल करें। जिससे संक्रमण की रोकथाम के लिए पर्याप्त संसाधनों, कर्मचारियों, प्रबंधन का अनुमान लगाया जा सके। इसकी रिपोर्ट सभी राज्यों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को देनी होगी। 

मेडिकल कॉलेजों की लैब में प्रतिदिन 11 हजार आरटीपीसीआर जांच की क्षमता
राज्य के मेडिकल कॉलेजों देहरादून, श्रीनगर, हल्द्वानी व अल्मोड़ा में प्रतिदिन 11 हजार से अधिक आरटीपीसीआर टेस्टिंग की क्षमता है जबकि इन मेडिकल कॉलेजों में स्थापित जीनोम सीक्वेंसिंग लैब में प्रतिमाह दो हजार से अधिक जीनोम सीक्वेसिंग की क्षमता है। वर्तमान में दून मेडिकल कॉलेज में संक्रमित सैंपलों की जीनोम सीक्वेसिंग की जा रही है। हल्द्वानी, अल्मोड़ा व श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों मेें पंजीकरण के लिए एनसीडीसी से अनुमति के बाद जल्द जीनोम सीक्वेंसिंग लैब शुरू की जाएगी। 

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स्वास्थ्य विभाग के पास 22428 ऑक्सीजन सिलिंडर
कोरोना की तीसरी लहर के लिए सरकार ने चिकित्सा उपकरणों का इंतजाम किया था। वर्तमान में राज्य में कुल 22428 ऑक्सीजन सिलिंडर, 9743 आक्सीजन कॅन्सेनट्रेटर, 86 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट चालू हालत में। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में 762 आईसीयू बेड, 8189 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड, 1032 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। 11 सरकारी पैथोलॉजी लैब में प्रतिदिन लगभग 15 हजार आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है।
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