विजिलेंस की ओर से हरिद्वार पुलिस से भी किशन की गिरफ्तारी की मदद मांगी गई थी। हरिद्वार पुलिस और एलआईयू उनकी गिरफ्तारी के लिए उनके घर की निगरानी कर रही थी। किशन चंद के घर और स्टोन क्रशर की कुर्की की मुनादी कराए जाने के बाद हरिद्वार पुलिस भी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। उनके घर ज्वालापुर और पथरी स्थित उनके स्टोन क्रशर की कुर्की के बीते दिन मुनादी कर नोटिस चस्पा किए गए।
गिरफ्तारी से बचने के लिए ली थी अखाड़े की शरण
गिरफ्तारी से बचने के लिए ही किशन चंद्र ने श्री गुरु रविदास अखाड़े की शरण ली थी। गिरफ्तारी का वारंट जारी होने के बाद अखाड़े ने उनको बाहर का रास्ता दिखा दिया था। हालांकि घोटाला सामने आने के बाद ही उन्हें अखाड़े में महामंत्री बनाया गया था।
जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं उनकी पत्नी
किशन चंद की पत्नी 26 अगस्त 2000 से 21 सितंबर 2002 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं। ज्वालापुर विधानसभा से एक बार कांग्रेस और एक बार निर्दलीय विधानसभा का चुनाव लड़ चुकी हैं। हालांकि, नहीं जीत सकी। 2022 के विधानसभा चुनाव में किशन चंद्र ने ज्वालापुर से कांग्रेस के टिकट से दावेदारी की थी, लेकिन टिकट कटने के बाद चुनाव नहीं लड़ा।