उत्तराखंड में कांग्रेस ने आठ दिसंबर को प्रस्तावित किसानों के बंद को पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर इस दिन कांग्रेसी सभी जिलों में धरना प्रदर्शन कर विरोध जताएंगे।
राजपुर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में बैठक के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के कहा कि केंद्र के साथ ही प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने किसानों के कर्ज माफ करने का वादा किया था।
अभी तक भाजपा ने यह वादा पूरा नहीं किया है। किसान बढ़ती परेशानी के कारण आत्महत्या करने को विवश हैं। किसान कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर किसानों ने आठ दिसंबर के बंद का एलान किया है।
कांग्रेस इस मांग का समर्थन करती है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने बताया कि पीसीसी की ओर से सभी पदाधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। आठ दिसंबर को सभी जिलों में कांग्रेस धरना, प्रदर्शन आदि के जरिए कृषि कानूनों का विरोध जताएगी और किसानों के आंदोलन का समर्थन करेगी।
प्रीतम सिंह ने हरीश, इंदिरा से बात की
पीसीसी के स्तर से अब यह भी जताने की कोशिश हो रही है कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं में कोई मतभेद नहीं है और फैसला एक दूसरे की सहमति से ही लिए जा रहे हैं। किसान आंदोलन को समर्थन देने से पहले कांग्रेस प्रदेेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने पूर्व सीएम हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, कांग्रेस विधायक दल के उप नेता करन माहरा सहित पार्टी पदाधिकारियों से भी बात की।
शनिवार को कृषि कानून रद्द करने की मांग का प्रस्ताव किया था पारित
किसान आंदोलन को कांग्रेस पहले से ही समर्थन देती आई और शनिवार को उसने कृषि कानूनों को रद्द करने का प्रस्ताव भी पारित किया था। अब आठ दिसंबर को कांग्रेस ने प्रदेश में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतार दिया है।