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Uttarakhand Congress: पार्टी की फजीहत करा रहे बयानवीर नेताओं पर कसेगी लगाम, हाईकमान तक पहुंचा मामला

Tue, 11 Apr 2023 09:03 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

पार्टी में वैसे तो विधानसभा चुनाव के बाद ही वरिष्ठ नेताओं के बीच हार के कारणों को लेकर एक दूसरे के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था, लेकिन बीते कुछ दिनों से वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, तिलक राज बेहड़ और अन्य नेताओं की ओर से प्रदेश प्रभारी के साथ संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर भी लगातार सवाल उठाए गए हैं।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच शुरू हुई बयानबाजी लगातार जारी है। एक साल से पार्टी संगठन की कमान संभाल रहे अध्यक्ष करन माहरा को पानी जब सिर के ऊपर से जाता हुआ दिखाई दिया तो उन्होंने बात हाईकमान तक पहुंचा दी। पार्टी हाईकमान ने इसे गंभीरता से लेते हुए बयानवीर नेताओं पर लगाम लगाने के लिए किसी वरिष्ठ नेता को पर्यवेक्षक बनाकर उत्तराखंड भेजने का फैसला लिया है।

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पार्टी में वैसे तो विधानसभा चुनाव के बाद ही वरिष्ठ नेताओं के बीच हार के कारणों को लेकर एक दूसरे के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था, लेकिन बीते कुछ दिनों से वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, तिलक राज बेहड़ और अन्य नेताओं की ओर से प्रदेश प्रभारी के साथ संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर भी लगातार सवाल उठाए गए हैं। कई बार पार्टी में गुटबाजी देखने को मिलती रहती है। फिलहाल भी इसी तरह की गुटबाजी में कांग्रेस खेमों में बंटी हुई नजर आ रही है।
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जिलाध्यक्षों की नियुक्तियों को नाराजगी की वजह बताया जा रहा है। इससे पहले भी ब्लाक अध्यक्षों, पीसीसी सदस्यों और एआईसीसी सदस्यों की नियुक्ति के समय भी इसी तरह की नाराजगी सामने आ चुकी है। भाजपा ने हमेशा कांग्रेस की इस कमी का फायदा उठाते हुए उसे घेरा है।

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ये पर्यवेक्षक आ सकते हैं देहरादून

माना जा रहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश अध्यक्ष के बीच प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से चल रही तनातनी को खत्म करने के लिए हाईकमान के स्तर से पार्टी के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया या मोहन प्रकाश जोशी को पर्यवेक्षक बनाकर उत्तराखंड भेजा जा सकता है। दोनों ही नेता वरिष्ठतम नेताओं में शामिल होने के साथ ही ही सीडब्ल्यूसी के सदस्य भी हैं। जबकि मोहन प्रकाश जोशी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव प्रभारी के तौर पर अपनी भूमिका निभा चुके हैं।
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