फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: लोस चुनाव में हार की समीक्षा करने पहुंची कांग्रेस फैक्ट फाइंडिंग कमेटी, नेताओं से ले रही फीडबैक

Thu, 18 Jul 2024 02:12 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

Uttarakhand Congress: सबसे पहले अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद, सांसद प्रत्याशी, विधायक, पूर्व विधायकों के साथ समीक्षा बैठक की जा रही है।
विज्ञापन
उतराखंड कांग्रेस भवन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोकसभा चुनाव में प्रदेश की पांच सीटों पर कांग्रेस को मिली हार की समीक्षा करने पहुंची फैक्ट फाइडिंग कमेटी के समक्ष पार्टी नेताओं ने अल्मोड़ा व नैनीताल संसदीय सीट पर हार के कई कारण गिनाए। दोनों सीटों पर बार-बार चुनाव हारे चेहरों पर दांव लगा पार्टी को महंगा पड़ा। दिग्गज नेताओं के चुनाव लड़ने से इनकार करने से आम लोगों में अच्छा संदेश नहीं गया। साथ ही कार्यकर्ताओं का मनोबल भी कम हुआ।

विज्ञापन


लोकसभा चुनाव नतीजों के लिए गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सदस्य पूर्व सांसद पीएल पुनिया तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे। प्रदेश कार्यालय में 11 बजे से लोकसभा वार चुनाव हार की समीक्षा की। पहले दिन पुनिया ने अल्मोड़ा व नैनीताल संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद, सांसद प्रत्याशी, विधायक, पूर्व विधायकों, एआईसीसी, पीसीसी सदस्यों, जिला, ब्लाक व नगर कांग्रेस अध्यक्षों से फीडबैक लिया। उन्होंने बंद कमरे में पार्टी नेताओं से अकेले में मिले और हार की वजह टटोली। पार्टी नेताओं ने खुल कर पुनिया के सामने अपनी बात रख कर हार के कारण गिनाए। पार्टी नेताओं ने दोनों सीटों पर प्रत्याशी के चयन को लेकर सवाल उठाए। साथ ही यह भी माना है राज्य में पहले चरण में चुनाव होने से माहौल नहीं बना पाए और प्रत्याशी घोषित करने में देरी हुई। जिससे प्रत्याशियों को समय नहीं मिल पाया। कमेटी ने पांचों सीटों की समीक्षा करने के बाद रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंपेगी।

Mussoorie: कभी पहाड़ों की रानी की शान थी रिक्शा की सवारी...अब हो जाएगी बीते दाैर की कहानी, ऐसे हुई थी शुरुआत
विज्ञापन


इससे पहले पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा व अन्य पार्टी पदाधिकारियों ने पुनिया का स्वागत किया। इस पर पुनिया ने कहा पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आगामी चुनाव लड़ने का आवाह्नन किया। मंगलौर व बदरीनाथ उपचुनाव को कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर लड़ा, तो पार्टी की जीत हुई।

विज्ञापन

अल्मोड़ा व नैनीताल सीट में ये रहे हार मुख्य कारण

वरिष्ठ नेताओं का चुनाव लड़ने से मोहभंग
वरिष्ठ नेताओं से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। पार्टी ने ऐसे चेहरों पर दांव लगाया जो लगातार चुनाव हारे। प्रत्याशियों का चयन सही नहीं किया गया। दिग्गजों के चुनाव लड़ने से मना करने से पार्टी के प्रति अच्छा माहौल नहीं बना। जो हार का मुख्य कारण रहा।

जनता की नब्ज नहीं पकड़ पाए
मंगलौर व बदरीनाथ उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आए। लेकिन लोकसभा चुनाव में कांग्रेस जनता की नब्ज नहीं पकड़ पाई। यदि कांग्रेस मजबूती से चुनाव लड़ती तो परिवर्तन दिखा सकती थी। कुछ सीटों पर कांग्रेस चुनाव में टक्कर देती दिखाई दी थी।

मनोबल गिरने से कार्यकर्ताओं में नहीं दिखा उत्साह
चुनाव में पार्टी नेताओं की आपसी खींचतान के साथ प्रत्याशियों का चयन सही न होने से कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा। जिससे कार्यकर्ता में चुनाव को लेकर जोश नहीं दिखा। केंद्रीय नेताओं ने प्रचार के लिए दूरी बनाए रखी। पूर्व सीएम हरीश रावत की कुमाऊं की राजनीति में अच्छी पकड़ी है। लेकिन बेटे के प्रचार के लिए हरिद्वार सीट से बाहर नहीं निकले।

पार्टी नेताओं में आपसी खींचतान
लोकसभा चुनाव में पार्टी नेताओं में आपसी खींचतान भी सामने आई। भाजपा का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस में एकजुट की कमी रही। उपचुनाव को एकजुटता से लड़ा तो पार्टी की जीत का परचम लहराया।

चुनाव लड़ने के लिए संसाधनों का अभाव
भाजपा की तुलना में कांग्रेस को चुनाव लड़ने के लिए संसाधनों की कमी से जूझना पड़ा। प्रचार प्रचार के लिए पार्टी के पास फंड कमी रही।

नहीं पहुंची रजनी पाटिल
फैक्ट फाइडिंग कमेटी की सदस्य सांसद रजनी पाटिल उत्तराखंड नहीं पहुंच पाई है। महाराष्ट्र में आवश्यक बैठक होने से पार्टी हाईकमान की ओर से उन्हें बैठक शामिल होने के लिए भेजा। पाटिल ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वे पांच दिन बाद उत्तराखंड आएंगी और लोकसभा चुनाव ने नतीजों को लेकर पार्टी नेताओं के साथ बैठक करेंगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें