उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने वेतन का 25 प्रतिशत मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का ऐलान किया है।
शनिवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने फोन पर मुख्य सचिव राकेश शर्मा को इसके अलावा अपने फ्लीट से एक वाहन कम करने का भी निर्देश दिया । इसके साथ ही मंत्रियों और दायित्वधारियों के वेतन से दस प्रतिशत की कटौती कर मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने को कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को मितव्ययी होने का भी संकेत दिया।
उन्होने कहा कि कि भविष्य में मुख्यमंत्री, मंत्री, दायित्वधारी और अधिकारी केवल इकोनॉमिक क्लास में ही हवाई यात्राएं करें। मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र अग्रवाल के मुताबिक मुख्यमंत्री हरीश रावत ने छोटे प्रदेश के सीमित संसाधनों को ध्यान में रखते हुये ही संसाधनों के प्रयोग पर जोर दिया है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि वे खुद को छोटे प्रदेश की अवधारणा में फिट करने की कोशिश में है। हालांकि केदारनाथ में आपदा, प्रदेश में भूकंप आदि के समय मुख्यमंत्री राहत कोष में इस तरह से मुख्यमंत्री और अन्य जन प्रतिनिधि अपना वेतन देते रहे हैं, पर यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री ने सामान्य परिस्थितियों में इस तरह से वेतन राहत कोष में देने का ऐलान किया है।
यह वेतन कटौती भी एक बार के लिए नहीं है। इसी तरह मंत्रियों और दायित्वधारियों को भी पहली बार ही मुख्यमंत्री राहत कोष में वेतन का दस प्रतिशत नियमित रूप से देने को कहा गया है।