मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी की जितनी खपत हो रही है, उतना ही उपभोक्ताओं से बिल वसूला जाए। उन्होंने इसकी एक सरल और स्पष्ट नीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मीटर लगाने के साथ ही पानी खपत के अनुसार ही लोगों से चार्ज लिया जाए। उन्होंने साथ ही निर्देश दिए कि पानी की गुणवत्ता और उपलब्धता मानकों के अनुरूप हो। कहा कि जल जीवन मिशन के तहत राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र एक रूपये में पानी का कनेक्शन दे रही है। योजना के तहत उत्तराखंड के सभी ग्रामीण परिवारों को पीने का स्वच्छ पानी नल से पहुंचा जाएगा।
रैंकिंग में सुधार हो
मुख्यमंत्री ने ईज आफ डूईंग बिजनेस की रैकिंग में सुधार पर जोर दिया। कहा कि उत्तराखंड वर्ष 2015 में 23 वें स्थान से अब 11 वें स्थान पर आ गया है। इसमें और सुधार के लिए पूरी गंभीरता से प्रयास किए जाएं। कोविड-19 के दृष्टिगत तमाम सावधानियां भी रखनी हैं।
निवेशकों को परेशान न होना पड़े
उन्होंने ताकीद किया कि कोरोनाकाल में निवेशकों को परेशान न होना पड़े। साथ ही औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित भी किया जाए। राज्य के उद्यमी, आत्मनिर्भर भारत पैकेज में एमएसएमई क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधानों का लाभ उठा सकें। इसके लिए उनका हरसंभव सहयोग किया जाए। प्राप्त निवेश प्रस्तावों का समय पर निपटारा हो।