सूर्यधार बांध से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को काफी उम्मीद है। लोकार्पण कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि साल 2015-16 में इस क्षेत्र में आकर उन्होंने इस पर योजना बनाकर क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या को हल करने का मन बनाया था। मुख्यमंत्री की बागडोर आने पर सूर्यधार बांध को अपनी प्राथमिकता में रखा। सीएम ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से नौकायन, पिकनिक के अलावा सूर्यधार बांध पक्षी विहार के रूप में भी विकसित हो सकता है।
देश विदेश के पक्षी यहां आकर सैलानियों को आकर्षित कर सकते हैं। सरकार इस दिशा में भी काम करेगी। उन्होंने कहा कि मकर सक्रांति अथवा बसंत पंचमी जैसे पर्वों पर इस नैसर्गिक जगह पर बड़े कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को आर्कषित करेंगे। बताया कि 1280 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और 33500 लोगों को पेयजल मिल सकेगा। परियोजना के अच्छे परिणाम और सुखद संदेश देगी। स्थानीय स्तर पर लोगों का यह रोजगार देने का प्रभावी माध्यम भी बनेगा। इसके अलावा बांध से मिलने वाले तमाम फायदे भी गिनाऐ।
लोकार्पण अवसर पर यह लोग रहे मौजूद
सूर्यधार बांध के लोकार्पण अवसर पर मुख्य रूप से जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष श्रीवास्तव, दायित्वधारी कृष्ण कुमार सिंघल, घनानंद घन्ना, भाजयुमो जिलाध्यक्ष प्रदीप नेगी, जिला पंचायत सदस्य अनीता सेमवाल, ब्लाक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, ग्राम प्रधान धर्मपाल, विक्रम सिंह नेगी, मनमोहन नौटियाल, पंकज शर्मा, सुभाष रावत, गीताजंलि रावत, अरुण सूद, संजीव सैनी, रोहित क्षेत्री, नरेंद्र नेगी, राजन गोयल, संतोष चौहान, अशोकराज पंवार, विनोद राणा, संपूर्ण रावत, सतीश सेमवाल, लेखराज सिंधवाल आदि मौजूद थे।