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उत्तराखंड: पर्यावरण दिवस पर सीएम त्रिवेंद्र की घोषणा, ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण बनेगी ई-विधानसभा

Fri, 05 Jun 2020 11:16 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • हरेला पर रोपे जाएंगे दो करोड़ पौधे, जैव विविधता की रक्षा सामूहिक जिम्मेदारी
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सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित विधानभवन को ई-विधानसभा बनाने की घोषणी की है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए ही ई-कैबिनेट शुरू की जा चुकी है और दफ्तरों को ई-आफिस बनाया जा रहा है। पर्यावरण का संरक्षण हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस पर सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कहा कि इस बार हरेला पर्व पर दो करोड़ पौधे रोपित किए जाएंगे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन होगा। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी अपने जनपदों में नदियों, नालों, एवं जल के स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में कार्य करें।

राज्य सरकार ने मिशन रिस्पना टू ऋषिपर्णा एवं कोसी के पुनर्जीवन का लक्ष्य रखा है। रिस्पना नदी के लिए आईआईटी रुड़की ने प्रोजक्ट रिपोर्ट तैयार की है। इस अभियान के तहत मिशन मोड में कार्य किया जाएगा। पर्यावरण और मानव के बीच कैसे संतुलन बना रहे, इस दिशा में अनुसंधान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अभी 17 कार्यालय ई-ऑफिस हो गए हैं।
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प्रयास है कि राज्य के ब्लॉक स्तर तक जितने भी कार्यालय हैं, इनको ई-ऑफिस बनाया जाएगा। बैठक में जानकारी दी गई कि झाझरा देहरादून में ‘आनंद वन’ के नाम से सिटी फॉरेस्ट विकसित किया जा रहा है। उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रत्येक जनपद के लिए जनपद स्तरीय प्रदूषण नियंत्रण मैनेजमेंट प्लान बनाया जा रहा है।

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पर्यावरण रिपोर्ट की बुक का विमोचन

इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम जैव विविधता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य की पर्यावरण रिपोर्ट की बुक का विमोचन भी किया। बैठक में मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविंद्र दत्त, प्रमुख सचिव वन आनंद बर्द्धन, पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी, प्रमुख वन संरक्षक जयराज, निदेशक उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नयिंत्रण बोर्ड एसपी सुबुद्धि आदि उपस्थित थे।

जैवविविधता बनाए रखने में उत्तराखं का महत्वपूर्ण योगदान : हरक
वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि भारत में जैव विविधता को बनाए रखने में उत्तराखंड का महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तराखंड में देश की 28 प्रतिशत जैव विविधता पाई जाती है। यहां की जैव विविधता का प्रभाव भारत ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्व पर पड़ता है। पर्यावरण संतुलन के लिए लोगों में सजगता होना बहुत जरूरी है। हम भावी पीढ़ी को कैसा पर्यावरण देना चाहते हैं, यह हम पर निर्भर है।
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