वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की मूर्ति पर विधायकों और समर्थकों के साथ माल्यार्पण करने पहुंचे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को हड़ताली कर्मचारियों का विरोध झेलना पड़ा। जनरल ओबीसी फेडरेशन के कर्मचारियों ने सीएम के सामने ही सरकार के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस के जवानों ने स्थित को संभाला और सीएम सहित विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी, मुन्नी देवी शाह को सुरक्षा घेरे में रामलीला मैदान से बाहर लाए।
जनरल ओबीसी फेडरेशन के अध्यक्ष नरेंद्र रावत ने कहा कि सीएम की ओर से धरना स्थल पर आने के बावजूद कर्मचारियों की उपेक्षा की गई। चार दिन से कर्मचारी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं लेकिन उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने 11 मार्च से सभी आवश्यक सेवाएं बंद करने का एलान किया। महामंत्री दिगंबर गैडी ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर दिगंबर नेगी, विनोद गैडी, राकेश सजवाण, मोहन रावत, लक्ष्मी नेगी, इंदु पुरोहित, प्रियंका गैरोला, प्रभा नेगी राजे सिंह बिष्ट, पुष्पा रतूड़ी आदि थे।