फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CM की वजह से जाम हुई दून की सड़क

Thu, 09 Oct 2014 02:46 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर प्रदेश वाल्मीकि समाज कल्याण समिति की ओर से निकाली गई शोभायात्रा ने देहरादून की सांसें फुला दीं।
विज्ञापन


रथ, झांकियों और बैंड-बाजों संग निकली शोभायात्रा ने सहारनपुर चौक से लेकर प्रिंस चौक तक यातायात को बेपटरी कर दिया। जाम में वाहन घंटों तक रेंगते रहे। वहीं विक्रमों के रूट बदलने और सवारियों को जहां तहां उतार देने से कई किमी पैदल चलना पड़ा। पुलिस को व्यवस्था सुचारु करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

बुधवार को सीएम हरीश रावत ने शिवाजी धर्मशाला से शोभायात्रा को रवाना किया। शाम साढ़े पांच बजे निकली यात्रा सहारनपुर चौक, धामावाला बाजार, बैंड बाजार, सब्जी मंडी, गांधी रोड, घंटाघर, पीपल मंडी, आढ़त बाजार होते हुए वापस शिवाजी धर्मशाला पहुंचकर संपन्न हुई।
विज्ञापन


शोभायात्रा में महर्षि वाल्मीकि का रथ, राम-सीता, शिवजी, कृष्ण की झांकियां बेशक आकर्षण का केंद्र रहीं, लेकिन यात्रा के दौरान विभिन्न मार्गों पर लगा लंबा जाम लोगों के लिए मुसीबत बन गया।

हालांकि समिति के 20 कार्यकर्ता पुलिस के साथ यातायात व्यवस्था संभालने में लगे थे, लेकिन यात्रा के धर्मशाला से निकलते ही जाम लगना शुरू हो गया जो यात्रा सपन्न होने के करीब आधे घंटे बाद तक लगा रहा। इस दौरान लोगों को इधर से आने जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे।

पैदल गईं सवारियां
आईएसबीटी से सहारनपुर चौक की ओर आ रहे विक्रम चालकों ने जाम को देखकर भूसा स्टोर के पास से ही विक्रम वापस मोड़ लिए। इससे लोगों को रेलवे स्टेशन और प्रिंस चौक तक पैदल जाना पड़ा।

इसी तरह घंटाघर से आईएसबीटी की ओर जा रहे विक्रम चालकों ने भी सवारियों को रेलवे स्टेशन पर उतार दिया। इससे लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ी।

सीएम सोचते रहे, मेयर ने किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री हरीश रावत बुधवार को एक कार्यक्रम में जब यह कह रहे थे कि शहर के किसी चौराहे का नाम महर्षि वाल्मीकि चौक रखा जाएगा, तकरीब उसी समय मेयर विनोद चमोली ने आईएसबीटी चौराहे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखकर लोकार्पण भी कर दिया।

सीएम के बयान और मेयर के कदम से इसकी पुष्टि होती है कि शासन और नगर निगम में किसी तरह का कोई तालमेल नहीं है। यह भी माना जा रहा है कि इससे सरकार और नगर निगम के बीच खाई और चौड़ी हो सकती है। बुधवार को वाल्मीकि जयंती पर मुख्यमंत्री हरीश रावत प्रदेश वाल्मीकि समाज कल्याण समिति के कार्यक्रम में पहुंचे।

यहां संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि राजधानी के किसी बड़े चौराहे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा जाएगा। इस मसले पर उन्होंने जल्द अफसरों से बातचीत करने का भरोसा भी संगठन पदाधिकारियों को दिलाया। दूसरी ओर, सीएम के संबोधन के वक्त ही आईएसबीटी चौक का नाम महर्षि वाल्मीकि चौक हो गया।
विज्ञापन


कई बार टकरा चुके हैं निगम और शासन
मेयर विनोद चमोली ने वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के कार्यक्रम में चौराहे का लोकार्पण कर दिया। शासन और निगम के बीच लंबे समय से वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों के लिए विवाद चल रहा है। राजधानी में जेएनएनयूआरएम के तहत कचरा उठान के काम में भी निगम और शासन कई बार टकरा चुके हैं।

हर बार निगम की शासन के आगे नहीं चली थी, लेकिन इस बार सीएम से पहले ही महर्षि वाल्मीकि के नाम पर चौराहे का लोकार्पण कर मेयर चमोली ने बाजी मार ली।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें