रुद्रप्रयाग जिले के श्रीकोट गांव निवासी 27 वर्षीय आशीष डंगवाल को वर्ष 2016 में राइंका भंकोली में सामाजिक विज्ञान के एलटी शिक्षक के तौर पर पहली नियुक्ति मिली थी। अब उनका ट्रांसफर टिहरी के राइंका गरखेत में हो गया है।
विदाई में ग्रामीण ढोल दमाऊं के साथ शिक्षक को गांव के बाहर तक विदा करने आए। आशीष ने इस विदाई समारोह को लेकर एक फेसबुक पोस्ट भी लिखी। जिसमें उन्होंने छात्रों ओर गांव वालों के लिए अपनी भावनाएं व्यक्त की। उन्होंने लिखा मेरी प्यारी केलसु घाटी, आपके प्यार, आपके लगाव ,आपके सम्मान, आपके अपनेपन के आगे, मेरे हर एक शब्द फीके हैं।
आशीष ने लिखा कि सरकारी आदेश के सामने मेरी मजबूरी थी मुझे यहां से जाना पड़ा, मुझे इस बात का बहुत दुख है। आपके साथ बिताए तीन वर्ष मेरे लिए अविस्मरणीय हैं। भंकोली, नौगांव , अगोडा, दंदालका, शेकू, गजोली, ढासड़ा की समस्त माताओं, बहनों, बुजुर्गों, युवाओं ने जो स्नेह बीते वर्षों में मुझे दिया मैं जन्म जन्मांतर के लिए आपका ऋणी हो गया हूं।
मेरे पास आपको देने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन एक वादा है आपसे की केलसु घाटी हमेशा के लिए अब मेरा दूसरा घर रहेगा। आपका ये बेटा लौट कर आएगा। आप सब लोगों का तहेदिल से शुक्रियादा करता हूं। मेरे प्यारे बच्चों हमेशा मुस्कुराते रहना। आप लोगों की बहुत याद आएगी।