ऐसे में थोड़ी सी असावधानी से त्वचा संबंधी रोग होने लगते हैं। उन्होंने बताया कि इस समय जितने भी मरीज उनके पास आ रहे हैं उनमें से करीब 80 मरीजों को दाद, खाज, खुजली की शिकायत है। इसका प्रमुख कारण यह है कि बारिश में भीगने पर यदि हम तुरंत शरीर को साफ नहीं करते हैं तो बीमारी हो जाती है। इसलिए जरूरी है कि यदि बदन गीला है तो तुरंत उसे साफ सूखे कपड़े से पोंछें और दूसरे कपड़े पहनें।
डॉक्टर संदीप शर्मा ने कहा कि बाहर का खाना त्वचा संबंधी रोगों में बहुत संवेदनशील है। किसी भी व्यक्ति को बाहर का खाना नजरअंदाज करना चाहिए। बरसात के दिनों में खाने की चीजों में तमाम तरह के कीटाणु बहुत जल्दी सक्रिय हो जाते हैं और मनुष्य के शरीर में जाकर मैं अपना दुष्प्रभाव दिखाते हैं।
डॉक्टर संदीप शर्मा की सलाह है कि इस सीजन में हरी सब्जी और मौसमी ताजे फल खाने की सलाह दी। उनका कहना है कि रसीले फल खाने से आदमी ज्यादा स्वस्थ रहता है और त्वचा संबंधी रोग होने की संभावना कम रहती है। बदलती आबोहवा मैं प्रदूषण की मात्रा बढ़ने को भी उन्होंने रोगों का कारण बताया।
तेज धूप से भी बचने की सलाह
तेज धूप से भी त्वचा संबंधी रोग हो जाते हैं। इसलिए पूरी आस्तीन वाले कपड़े और सनस्क्रीन पहनकर चलना चाहिए। यदि थोड़ी सी सावधानी बरतेंगे तो त्वचा संबंधी रोगों से बचा जा सकता है। थोड़ी सी लापरवाही आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है।