आम उत्तराखंडियों के मन में हजारों सवाल हैं। ऐसा लगा, जैसे कोई सुनने वाला नहीं है। संडे इंटरव्यू के तहत अमर उजाला के यह कहते ही कि आप भी सीएम से सवाल पूछ सकते हैं, सवालों का ऐसा रेला आया जो रविवार को भी नहीं थमा।
इतनी बड़ी संख्या में सवालों का जवाब पाना भी आसान नहीं है। टुकड़ों में हमें जवाब मिल रहे हैं। लिहाजा तय किया गया कि ‘पाठकों के सवाल-सीएम के जवाब’ कॉलम के तहत इन्हें शृंखलाबद्ध प्रकाशित किया जाएगा। सभी पाठकों के सवाल खत्म होने तक यह क्रम जारी रहेगा।
कई पाठकों ने एक ही विषय पर सवाल पूछे हैं, लिहाजा उनके जवाब अलग-अलग नहीं दिए जाएंगे। व्यक्तिगत सवालों के संबंध में सीएम कार्यालय द्वारा सीधे अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है। वे सवाल इस श्रृंखला में शामिल नहीं होंगे। सबको ऐसा लग रहा होगा कि सीएम उनका सवाल सुनेंगे और तत्काल हल भी निकल आएगा।
हमें उम्मीद है कि कुछ लोगों को राहत मिलेगी, मगर ऐसा नहीं लगता कि रातों-रात सब कुछ बदल जाएगा। खैर, इस बात की संतुष्टि जरूर रहेगी कि अमर उजाला आम लोगों की बात सत्ता प्रमुख तक पहुंचाने का जरिया बन सका। यह क्रम जारी रहेगा...
1-चंद्रशेखर, जसपुर, उधमसिंहनगरः हमने कांग्रेस को वोट देकर जसपुर के विधायक को जिताया, उनकी सदस्यता समाप्त होने पर अब हम किसके पास शिकायत लेकर जाए। आपने भी कोई प्रतिनिधि नहीं नियुक्त किया जिसके पास लोग शिकायत लेकर जा सके।
सीएम : आपने हमारा ध्यान बेहद अहम मुद्दे पर आकर्षित किया है। धन्यवाद! यह केवल जसपुर ही नहीं अन्य उन स्थानों से जुड़ा मामला है, जहां के विधायक अयोग्य घोषित किए गए हैं। हम जल्द ही इन सभी जगहों पर कोई न कोई व्यवस्था करेंगे ताकि लोगों को कोई दिक्कत न हो और क्षेत्र का विकास भी प्रभावित न हो।
2-रहमान, जसपुर, उधमसिंह नगरः जसपुर क्षेत्र का विकास नहीं हुआ, रेल लाइन-काशीपुर- धामपुर प्रस्तावित थी, पर आज तक इस दिशा में कोई कार्य नहीं हुआ, न ही आपकी सरकार ने इस ओर ध्यान दिया। रोडवेज डिपो तक नहीं बना, कब तक चलेगा ऐसा?
सीएम : प्रधानमंत्री व रेलमंत्री पर राज्य को कई रेल योजनाओं को दिए जाने की मांग कर रहे हैं। कई रोडवेज डिपो बनाने की प्रक्रिया गतिमान है। डीएम उधमसिंह नगर को जसपुर बस डिपो बनाने का प्रस्ताव भेजने को कह दिया गया है।
3-विकास कुमार, रुड़कीः यूपीसीएल में ग्रुप सी के जरिए मेरा सेलेक्शन हुआ, तीन महीने हो गए ज्वानिंग नहीं दी गई, ऐसा क्यों?
सीएम : कुछ पदों पर न्यायालय में वाद हो जाने की वजह से यह बाधा आ रही है। जांच कर कार्रवाई करेंगे। इस तरह पुन: न हो यह भी सुनिश्चित करेंगे।
4- दीपक सिंह, रुद्रप्रयागः आपदा प्रबंधन में जो कर्मचारी रखे गए हैं क्या वो योग्य हैं और किस आधार पर रखे गए हैं। ये कर्मचारी रोजगार कार्यालय की बजाय आउटसोर्स एजेंसी के जरिए भर्ती किए गए हैं। ऐसे में रोजगार कार्यालय की जरूरत क्या है?
सीएम : - राज्य बनने के बाद 2003 से पटवारी- तहसीलदार जैसे पदों पर भर्ती नहीं हुई । ऐसे मैं आपदा जैसे तत्कालिक कार्य को गंभीरता से लेते हुए यह व्यवस्था की गई। रोजगार कार्यालय का स्वरूप, व कार्य बदला जा रहा है।