उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत और उनके मंत्रियों को रोने और मांगने की आदत पड़ गई है। जो मिला है न तो उसका नाम और न ही उसका सदुपयोग हो रहा है। यह कहना है भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सदस्यता अभियान के प्रमुख डा. दिनेश शर्मा का।
पत्रकारों से बातचीत में डॉ. शर्मा ने कहा कि केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने 13 हजार करोड़ केवल चार धाम की सड़कों के लिए मंजूर किए हैं। 880 करोड़ रुपए जलवायु संरक्षण के लिए दिए। केंद्र से राज्यों को दिए जाने वाले हिस्से में दस फीसदी बढ़ोत्तरी हुई, जिससे उत्तराखंड को करोड़ों का फायदा पहुंचा।
लेकिन सीएम को यह सब नहीं दिखता, न ही उसका कोई नाम है। बस भ्रम फैलाने के लिए बयानवीर बने हैं। गंगा सफाई के लिए बीस हजार करोड़ का जो बजट प्रावधान है, क्या उससे उत्तराखंड को फायदा नहीं होगा। शर्मा ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आपदा घोटाला शर्मनाक है, इसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आपदा घोटाले के बाद हरीश को मुख्यमंत्री बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। केंद्र सरकार की तारीफ करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार जनता के अधिकारों व सुरक्षा के प्रति सजग है। भारत ने दो दिन पहले म्यांमार में घुसकर नक्सलियों को मारा है।
अब दाउद इब्राहिम व अजहर मसूद की बारी है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर को पहली बार 600 करोड़ का अलग पैकेज दिया गया। आजादी के बाद पहली बार उन 70 हजार कश्मीरी पंडितों ने मताधिकार का प्रयोग किया जो पाकिस्तान से आए थे और उन्हें वोट डालने का अधिकार नहीं था। यह काम भाजपा ने किया।
योग दिवस अराजनैतिक कार्यक्रम
डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अराजनैतिक कार्यक्रम है। इसमें सैकड़ों देश हिस्सा ले रहे हैं। यह भाजपा का कार्यक्रम नहीं है, पार्टी इसको सफल बनाने के लिए सहयोग कर रही है। लेकिन कुछ लोग इसे भी सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं जो उचित नहीं है।