मातृशक्ति का सम्मान हमारे लिए सर्वोपरि
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति का सम्मान भी हमारे लिए सर्वोपरि है। राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया है। राज्य में महिला सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत राज्य की 1.25 लाख महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से पीएम मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देने का आह्वान किया।
संकल्प, सिद्धि और सामर्थ्य संग देना होगा योगदान : राज्यपाल
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने 75वें गणतंत्र दिवस की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में राज्यपाल ने महात्मा गांधी और भारतीय संविधान के प्रणेता बाबा साहेब आंबेडकर सहित सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं का भावपूर्ण स्मरण किया है।
उन्होंने देश की सुरक्षा में तैनात सैन्य बलों और सभी सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को सैल्यूट करते हुए देश की रक्षा में शहीद वीर जवानों को नमन किया। कहा, उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए हम सबको संकल्प, सिद्धि और सामर्थ्य के साथ योगदान देना होगा। राज्यपाल ने कहा, इस साल चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
कहा, प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने को केदारखंड की तरह ही प्रदेश में एक और धार्मिक सर्किट मानस खंड मंदिर माला मिशन पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के आदि कैलास और जागेश्वर धाम भ्रमण से मानस खंड क्षेत्र को एक नई पहचान मिली है। प्रदेश में पांचवें धाम, सैन्य धाम का निर्माण कार्य जल्द ही पूरा हो जाएगा।
प्रदेश में रेलवे-रोपवे, रोडवे एवं एयरवेे कनेक्टिविटी की दिशा में काम किया जा रहा। इस साल प्रदेश में जौलीग्रांट, पंतनगर हवाई अड्डों से कई राज्यों के लिए हवाई सेवाओं की संख्या में वृद्धि हुई है। चारधाम ऑल वेदर रोड का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है। चारधाम के साथ ही इससे लगे पर्यटन क्षेत्रों तक पर्यटकों की पहुंच आसान हुई है।
मूल निवास, भू-कानून मुद्दों को सरकार ने गंभीरता से लिया
राज्यपाल ने कहा, मूल निवास और भू-कानून के जनहित से जुड़े मुद्दों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। उत्तराखंड एक दिन में सर्वाधिक 18 जीआई प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाला पहला राज्य बना है। इससे दुनियाभर में उत्तराखंड के उत्पादों को अलग पहचान मिलेगी। ई-गवर्नेंस को प्रमोट करते हुए 600 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन माध्यम पर मौजूद हैं। 950 सरकारी सेवाओं को सेवा के अधिकार में लाया गया है।