सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी करें
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के संबंध में सोमवार को ही शासनादेश जारी करें। उन्होंने अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की कि प्रदेश में अतिक्रमण वाली भूमि पर राज्य के बाहर के कितने लोगों का कब्जा है और ऐसे कितने स्थानीय लोग हैं?
शत्रु संपत्तियों पर पीपीपी मोड में प्रोजेक्ट बनाएं
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने जिलों की शत्रु संपत्तियों पर शीघ्र कब्जा लेने और उन पर पब्लिक पार्टनरशिप के तहत परियोजना का प्रस्ताव बनाकर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने शत्रु संपत्तियों को जल्द चिह्निकरण कर अपने अधीन लेने को कहा।
अतिक्रमण न रोकने वाले अफसरों पर कार्रवाई हो
मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को न रोक पाने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। सरकारी भूमि से विशुद्ध रूप से अतिक्रमण हटना है। इसके लिए शासन से जो आदेश जारी होंगे, उस पर सभी जिलों को तेजी से कार्य करना है।
बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन का सघन अभियान चलाएं
मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को आदेश दिए कि बाहरी व्यक्तियों का लगातार सत्यापन अभियान चलाया जाए व किरायेदारों का भी नियमित सत्यापन हो। इस काम में लापरवाही करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और एक दूसरे का सहयोग करें।
मंडलायुक्तों को निगरानी रखने के निर्देश
सीएम ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल आयुक्तों को भी सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने से लेकर सत्यापन अभियान तक की सभी गतिविधियों पर निगरानी रखने और नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। काम के प्रति लापरवाही करने के लिए अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।
किसी भी व्यक्ति का जाली प्रमाणपत्र न बनें
उन्होंने जिलाधिकारियों को ताकीद किया कि प्रदेश में किसी भी व्यक्ति के जाली प्रमाणपत्र न बनें। यदि ऐसी कोई शिकायत आती है तो, संबंधित पर सख्त कार्रवाई की जाए। विभागों द्वारा सरकारी जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने की जो रिपोर्ट दी जा रही है, उनका क्रॉस वेरिफिकेशन भी कराया जाए, गलत सूचना देने वालों पर भी कार्रवाई हो।
सरकारी भूमि का यूनिक नंबर होगा, रजिस्टर में होगा ब्योरा दर्ज
सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए सभी सरकारी भूमि का अलग यूनिक नंबर होगा। सभी विभाग अपनी सरकारी संपत्ति का रजिस्टर बनाएंगे, इसकी डिजिटल इन्वेंटरी होगी। सरकारी भूमि की समय-समय पर सेटेलाइट पिक्चर ली जाएगी। अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनी। तकनीकी सहायता के लिए राज्य परिषद में एक प्रकोष्ठ बनाया गया। राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। जिला और राज्य स्तरीय समिति अतिक्रमण हटाने के लिए की गई कार्रवाई की नियमित निगरानी करेगी।
सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने का अभियान तेजी से चल रहा है। कई स्थानों पर लोग खुद ही अतिक्रमण हटा रहे हैं। जहां नहीं हट रहा है, उसे प्रशासन हटाएगा। किसी भी धर्म की आड़ में सरकारी भूमि पर कब्जा नहीं करने देंगे। टास्क फोर्स बना दी गई है। जो जनसांख्यिकीय परिवर्तन हुआ है, उस पर काम करेंगे। सत्यापन अभियान में तेजी लाएंगे। बाहर से आकर यहां जमीन या प्लाट खरीदने वालों की जांच होगी।
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री