भूस्खलन क्षेत्र चिह्नित हों, वैकल्पिक व्यवस्था के प्लान बनें
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को उनके जिलों में भू-स्खलन समस्या वाले क्षेत्र चिह्नित कर आवश्यक व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिए। कहा, जिन क्षेत्रों में बरसाती नदी और नाले उफान पर आते हैं, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं का अभी से प्लान बनाया जाए। कई कार्यों के लिए शासन स्तर से जो राशि की आवश्यकता है, उसका यथाशीघ्र प्रस्ताव भेजा जाए। जिन जिलाधिकारियों द्वारा धनराशि मांगी गई है, उसे शीघ्र किया जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
ये भी दिए निर्देश
अवरुद्ध व बाधित होने वाली सड़कें, बिजली और पेयजल लाइन को सुचारू करने का रिस्पांस टाइम कम से कम हो।
अतिवृष्टि से फसलों को होने वाले नुकसान का तुरंत आकलन कर मानकों के अनुसार यथाशीघ्र क्षतिपूर्ति की जाए।
पर्वतीय जिलों में आवश्यक दवाओं, खाद्य सामग्री एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित सभी व्यवस्थाएं हो जाएं।
मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार जिलाधिकारी विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर छुट्टी की घोषणा करें।
स्कूल जाने के पैदल मार्गों में नदी और नाले वाले स्थानों पर वैकल्पिक मार्ग तलाशे जाएं।
हर जिले में बड़े रपटे चिह्नित किए जाएं एवं वहां पर सुरक्षा की दृष्टि से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली जाएं।