अपने जन्मदिन पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 15 कांग्रेसियों को ओहदों से नवाजा। इससे कई आयोगों में अरसे से खाली अध्यक्षों के पद भर गए। जिन आयोगों को अध्यक्ष मिले हैं उनमें महिला आयोग, बाल संरक्षण आयोग, अनुसूचित जाति और सफाई कर्मचारी आयोग शामिल हैं।
सोमवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने दायित्वधारियों के नामों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल 22 नामों की सूची पर हाईकमान से सहमति दी थी। दो नाम पहले ही घोषित किए जा चुकेहैं। अन्य नाम जल्द सामने आ जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खाली दायित्व देने में विश्वास नहीं करती। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की तरफ से ही यह सुझाव आया था कि काम के आधार पर दायित्व बांटे जाए।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही प्रदेश सरकार की ओर से काजी मोइनुद्दीन और राजेंद्र चौधरी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था। इस तरह अब तक 17 लोगों को दायित्व सौंपा जा चुका है। उधर, किशोर उपाध्याय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा इससे संगठन के लोगों को भी काम करने का मौका मिलेगा।
इनको मिले पद
योगेंद्र खंडूरी (श्रीनगर)- अध्यक्ष, राज्य बाल संरक्षण आयोग
विजय लक्ष्मी गुसांई - उपाध्यक्ष, राज्य बाल संरक्षण आयोग
पुष्पा भट्ट - उपाध्यक्ष, राज्य बाल संरक्षण आयोग
सरोजनी कैंतुरा - अध्यक्ष राज्य महिला आयोग
रजनी रावत- उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग
पूर्व सांसद हरपाल साथी - अध्यक्ष, उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग
राजेंद्र बाराकोटी - उपाध्यक्ष, उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग
किरन पाल वाल्मीकि (हरिद्वार )- अध्यक्ष, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग
संतोष गौरव, (खटीमा )- उपाध्यक्ष, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग
सिकंदर पंवार(अल्मोड़ा) - उपाध्यक्ष, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग
गोपाल राणा(पूर्व विधायक, खटीमा) - उपाध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति कल्याण परिषद
कैलाश रावत(पिथौरागढ़)- उपाध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति कल्याण परिषद
सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह नेगी- अध्यक्ष, उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम
बलराम सिंह नेगी (सेवानिवृत्त उपमहानिरीक्षक, कोटद्वार)- अध्यक्ष, उत्तराखंड अर्द्ध सैनिक कल्याण परिषद
डा. सतीश जॉन- उपाध्यक्ष, उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग
हर साल की तरह इस साल भी उत्तराखंड मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपना जन्मदिन मनाया। लेकिन रावत ने जो केक काटा उसमें कुछ खास बात थी।
पुलिस विभाग की ओर से लाए गए इस केक की बनावट राज्य के नक्शे जैसी थी। केक पर सभी जिलों के अलग-अलग नक्शे भी बने थे। केक इतना बड़ा था कि इसको विशेष वाहन से बीजापुर गेस्ट हाउस लाया गया।
बताया जा रहा है कि राज्य के पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने इस बार मुख्यमंत्री के जन्म दिन पर खास दिलचस्पी ली। उन्होंने ही केक बनवाया और पूरे स्टाफ के साथ बीजापुर पहुंचे।
बताया जा रहा है कि पीएचक्यू में स्पष्ट आदेश जारी हो गया था कि आईजी व उससे ऊपर के सभी अफसर केक लेकर बीजापुर जाएंगे। हालांकि केक काटने के बाद कुछ लोगों ने दबी जुबान में इस बात को लेकर आपत्ति भी की कि किसी राज्य के नक्शे को चाकू से काटना अनैतिक है।
पूरी नौकरशाही थी कतारबद्ध
पुलिस तो पुलिस, सीएम के जन्म दिन पर सचिवालय भी खाली रहा। मुख्य सचिव से लेकर तमाम प्रमुख सचिव व सचिव व ज्यादातर अपर सचिव सुबह से बधाई देने के लिए लाइन में लगे थे। फूलों के गुलदस्ते लेकर अधिकांश अफसर सीएम को बधाई संदेश देने के लिए बीजापुर गेस्ट हाउस में कतारबद्ध थे।
कांग्रेसी भी जुटे
कांग्रेस नेताओं ने भी सीएम के जन्म दिन पर शुभकामनाएं दी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय समेत सभी नेता
बीजापुर गेस्ट हाउस पहुंचे और मुख्यमंत्री को दीर्घायु होने की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर फल वितरण आदि का कार्यक्रम भी हुआ।