मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की मंजूरी के बावजूद प्रदेश के 910 शिक्षा आचार्यों को शिक्षामित्र के रूप में समायोजित करने का शासनादेश जारी नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रमुख सचिव (शिक्षा) एमसी जोशी को शासनादेश का आदेश दिया था। अब शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने अपर मुख्य सचिव एस राजू से पत्रावली तलब की है।
शिक्षा आचार्य और अनुदेशक तीन जून 2012 से शिक्षामित्रों के रूप में समायोजन की मांग पर आंदोलनरत हैं। चार मार्च 2014 को मंत्रिमंडल की बैठक में समायोजन का आदेश जारी हुआ था।
सचिव भास्करानंद के आदेश में कहा गया कि 910 शिक्षा आचार्य और अनुदेशकों को निर्धारित योग्यता पूरी करने की स्थिति में समायोजित किया जाए। उनकी तैनाती दुर्गम, अति दुर्गम और आपदा प्रभावित स्कूलों में होनी थी।
इसके बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रमुख सचिव शिक्षा को शासनादेश जारी करने का आदेश दिया था। लेकिन अब तक शासनादेश न आने से शिक्षा आचार्य परेशान हैं।