उत्तराखंडी फिल्मों और एलबमों के जरिये संस्कृति के संरक्षण में योगदान पर यंग उत्तराखंड सिने अवॉर्ड पांच अप्रैल को दिया जाएगा।
16 कैटेगरी में पुरस्कार दिए जाएंगे
इस बार उत्तरकाशी के किशन सिंह पंवार को गोपाल बाबू गोस्वामी लीजेंड्री सिंगर अवार्ड, जबकि कोटद्वार के चरित्र अभिनेता रामरतन काला को लाइफ टाइम अचीवमेंट से नवाजा जाएगा। इनके अलावा 16 कैटेगरी में पुरस्कार दिए जाएंगे।
शनिवार को यंग उत्तराखंड के मुख्य प्रवक्ता चंद्रकांत नेगी ने बताया कि फिल्मों में दस और गीत-संगीत में छह श्रेणियां हैं। आयोजन दिल्ली के शाह आडिटोरियम में होगा।
निर्णायक मंडल में होंगे ये लोग
निर्णायक मंडल में रेखा धस्माना, कुंवर सिंह बावला, डा. सतीश कालेश्वरी, वाचस्पति ड्योडी, चारु तिवारी, डा. सुवर्ण रावत, एपी नैथानी, दीवान सिंह बजेली, भगवान चंद, अनिल घिल्डियाल को रखा गया है।
ज्यूरी सदस्यों के साथ ही पब्लिक वोटिंग भी काउंट की जाएगी। इस दौरान विपिन पंवार भी मौजूद रहे।
ये हैं नॉमिनीज
सर्वश्रेष्ठ - अभिनेता
प्रियांशु नेगी - द्वी दिन
पन्नू गुसाईं - दुख का कांडा सुख का फूल
घनानंद - बचराम हवालदार
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री
नीलम बिष्ट - चक्रा
निकिता बुटोला - दुख का कांडा सुख का फूल
रचिता कुकरेती - देबू बणी देवदास
सर्वश्रेष्ठ फिल्म निर्देशक
संजय रावत - देबू बणी देवदास
सुशीला रावत - द्वी दिन
महेश प्रकाश - दुख का कांडा सुख का फूल
सर्वश्रेष्ठ फिल्म
देबू बणी देवदास
द्वी दिन
दुख का कांडा सुख का फूल
सर्वश्रेष्ठ हास्य कलाकार
मोहन गौनियाल - बचराम हवालदार
हर्षपति रयाल - चक्रा
राजेश जोशी - दुख का कांडा सुख का फूल
सर्वश्रेष्ठ खलनायक
जयपाल नेगी - बचराम हवालदार
राजेश मालगुड़ी - दुख का कांडा सुख का फूल
दीपक राणा - देबू बणी देवदास
सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेत्री
जाह्नवी रावत - द्वी दिन
कुसुम बिष्ट - दुख का कांडा सुख का फूल
सरोज चौहान - देबू बणी देवदास
सर्वश्रेष्ठ छायाकार
रवि भट्ट - दुख का कांडा सुख का फूल
बबलू जंगली - द्वी दिन
देवेन्द्र राणा - देबू बणी देवदास
मनोज चौहान - चक्रा
सर्वश्रेष्ठ कहानी
विनोद नैथानी, राजा राम, मेहरबान सिंह - देबू बणी देवदास
ओम प्रकाश ध्यानी - दुख का कांडा सुख का फूल
सुशीला रावत - द्वी दिन
नंदन जखमोला - बचराम हवलदार
सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता
डा. विमल बहुगुणा - दुख का कांडा सुख का फूल
पद्मेंद्र रावत - बचराम हवालदार
गोकुल पंवार - द्वी दिन
सर्वश्रेष्ठ गीतकार
प्रीतम भरतवाण - समय समय की बात (सज)
विनोद सिरोला - तेरी मेरी प्रीत को बंधन (खुदेणी न रई)
साहब सिंह रमोला - हर हर गंगे (गैल्याणी)
वीरेंद्र डंगवाल - दाना की बुलीं बात (बबाल)
पप्पू कार्की - क्या भल लागी छौ (गुड्डी बाना)
सर्वश्रेष्ठ संगीतकार
सोनी पम पम - खुदेणी न रई
संजय कुमोला - बबाल
चंदन - गुड्डी बाना
ईशान, सुभाष पांडेय - गैल्याणी
संजय कुमोला- चोकलेट्या होंठ