डॉ. खन्ना का कहना है कि जिस तरह से मदरसों और शिक्षण संस्थानों में मासूमों के साथ घिनौने अपराध लगातार सामने आ रहे हैं, उससे जाहिर हो रहा है कि शिक्षण संस्थानों की आड़ में आपराधिक प्रवृत्ति और दुराचारी किस्म के लोग सक्रिय हैं, जिनकी पहचान और रोकथाम के लिए त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि बच्चे सुरक्षित रहें। इसके लिए विस्तृत जांच का आदेश दिया गया है। 15 सितंबर तक कार्यवाही रिपोर्ट मांगी गई है।