डीएफओ ने प्रमुख वन संरक्षक को भेजी रिपोर्ट में कहा, इन घटनाओं के बाद भी गुलदार क्षेत्र में तैनात गश्ती टीम को घटनास्थल के पास दिखाई दे रहा है। जो पिंजरे में पकड़ में नहीं आ रहा और न ही ट्रैंक्युलाइज किया जा सका है। गुलदार मानव जीवन के लिए खतरा हो गया है। आदेश में कहा, जन सुरक्षा को देखते हुए गुलदार को पिंजरा लगाकर पकड़ने या ट्रैंक्युलाइज करने के सभी प्रयास किए जाएं।
यदि इसके बाद भी पकड़ में नहीं आए तो गुलदार को मार दिया जाए। कहा, यह आदेश केवल चिह्नित गुलदार के लिए प्रभावी होगा। गुलदार को मारने की यह आज्ञा एक महीने तक वैध रहेगी, जो इस अवधि के बाद खुद समाप्त हो जाएगी। आदेश में यह भी कहा गया कि क्षेत्र में ट्रैप कैमरा और पीआईपी के माध्यम से गुलदार की उपस्थिति की निगरानी की जाए। ड्रोन से भी क्षेत्र में निगरानी की जाए।