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उत्तराखंडः बनते-बिगड़ते रास्तों पर चल रही आस्था की गाड़ी

Mon, 21 Jul 2014 08:49 PM IST
अमर उजाला, गोपेश्वर, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी
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उत्तराखंड में गढ़वाल के अधिकांश इलाकों में सोमवार को मौसम खुला तो मुश्किलें भी कुछ आसान होती नजर आईं। जोशीमठ और बदरीनाथ के बीच लामबगड़ में बंद बदरीनाथ हाईवे पांचवें दिन सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने खोल दिया।
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हालांकि लामबगड़ से आगे बैनाकुली में बदरीनाथ मार्ग अब भी बंद है। यहां हाईवे का 100 मीटर हिस्सा शनिवार को बह गया था। बीआरओ हिल कटिंग कर मार्ग बनाने का प्रयास कर रहा है।

उधर, रुद्रप्रयाग और श्रीनगर के बीच सिरोहबगड़ में भी 44 घंटे बाद सोमवार दोपहर बदरीनाथ हाईवे खुल गया है। सड़क ध्वस्त होने पर बीआरओ ने चट्टान काटकर रास्ता बनाया है।
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हाईवे बार-बार हुआ बंद

यहां हाईवे 16 जुलाई से बार-बार आ रहे मलबे से बंद हो रहा था। 19 जुलाई को दो घंटे खुलने के बाद चार बजे हाईवे बंद हो गया था।

यहां हाईवे बंद होने से प्रशासन खांकरा-खेड़ाखाल मार्ग से वाहनों की आवाजाही करवा रहा था। लेकिन श्रीनगर तक आने के लिए 52 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा था। सिरोहबगड़ में हाईवे खुलने पर सब्जी, गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल के टैंकर रुद्रप्रयाग और चमोली जिले के लिए रवाना हुए।

यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन के चलते सोमवार को भी भारी परेशानी आई। सुक्की (उत्तरकाशी) में गंगोत्री हाईवे दूसरे दिन भी नहीं खुल सका। रविवार रात को उत्तरकाशी में हल्की बारिश से यमुनोत्री हाईवे नैनबाग और मरोड़ के बीच बंद हो गया था। यहां सोमवार सुबह नौ बजे मार्ग खुला। बाडिया में सड़क खुलती और बंद होती रही।

सौ तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम पहुंचे

इन बाधाओं के बीच सोमवार को लगभग सौ तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम पहुंचे। स्थानीय प्रशासन ने रविवार से यमुनोत्री की यात्रा शुरू करवा दी है। मार्ग खुला रहने पर पर यात्री गंगोत्री भी जा सकते हैं। सोमवार को तीर्थयात्री तो नहीं, लेकिन लगभग तीन सौ कांवड़िये गंगोत्री पहुंचे।

गंगनानी में पहाड़ी से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी रहने के बीच कांवड़िये जोखिम के साथ यात्रा करने को मजबूर हुए। सुक्की में गंगोत्री हाईवे चार जगहों पर बंद रहने के चलते वाहन इस ओर छोड़कर पैदल ही दूसरी तरफ जाना पड़ा। स्थानीय प्रशासन की ओर से सड़क खुलने के बाद ही गंगोत्री की ओर जाने की अपील की जा रही है।

मौसम ठीक रहा तो जा सकेंगे हेमकुंड साहिब

मौसम ने साथ दिया तो मंगलवार से हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा फिर शुरू हो जाएगी। चमोली के जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने जोशीमठ तहसील प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी को यात्रा मार्ग का भली-भांति निरीक्षण करने के बाद तीर्थयात्रियों को हेमकुंड साहिब भेजने के निर्देश दिए हैं।

हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जाने वाले 90 तीर्थयात्री गोविंदघाट में और 40 जोशीमठ के गुरुद्वारे में रुके हुए हैं। बदरीनाथ धाम जाने वाले 150 तीर्थयात्री जोशीमठ में रुके हुए हैं। बैनाकुली में बदरीनाथ हाईवे खुलने के बाद बदरीधाम की यात्रा पर निर्णय लिया जाएगा। वैसे बदरीनाथ की यात्रा 22 तक बंद है।

बदरीनाथ जा रहे 40 कांवड़ियों को लौटाया

जोशीमठ/कर्णप्रयाग
सोमवार को बदरीनाथ धाम जा रहे 40 कांवड़ियों को पुलिस ने पांडुकेश्वर में रोक लिया।  बीस मोटर साइकिल पर आए इन कांवड़ियों को वापस जोशीमठ भेज दिया गया।

कांवड़िये पुलिस बैरियर से जबरदस्ती आगे जाने का प्रयास करने लगे तो पुलिसकर्मियों को उन्हें रोकने के लिए लाठियां भी फटकारनी पड़ीं। बाद में उन्हें बैनाकुली में मार्ग बंद होने की बात बताकर लौटाया गया। पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा का कहना है कि कांवड़िये जबरदस्ती बदरीनाथ जाने की जिद्द कर रहे थे।

सोमवार को बदरीनाथ धाम में रह रहे 128 साधुओं और भिखारियों को भी पुलिस प्रशासन ने बदरीनाथ से बैनाकुली तक वाहन में और यहां से तीन किमी दूर लामबगड़ तक पैदल लाकर गंतव्य के लिए भेज दिया। बदरीनाथ के आसपास रह रहे 25 तीर्थयात्री व चार विदेशी पर्यटकों को भी पुलिस ने पैदल निकालकर गोविंदघाट भेजा। अब 15 तीर्थयात्री अपने वाहनों के साथ बदरीनाथ धाम में ही रह रहे हैं।
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केदारनाथ धाम में निर्माण फिर शुरू

केदारनाथ/रुद्रप्रयाग
केदारनाथ धाम में मौसम ठीक होने पर निर्माण कार्य फिर होने लगे हैं। मंदाकिनी और सरस्वती नदी के जल स्तर में भी गिरावट आई है। वहीं दूसरे दिन भी हेलीकाप्टर से धाम में जरूरी सामान पहुंचाया गया। पिछले दिनों बारिश होने से धाम में निर्माण कार्य बाधित हो गए थे।

करीब एक सप्ताह से केदारनाथ में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ था। केदारनाथ, लिनचोली, भीमबली और जंगलचट्टी सहित अन्य क्षेत्रों में खूब बारिश हुई। रविवार से धाम में मौसम खुलने से यहां तैनात कर्मियों ने राहत की सांस ली।

बारिश रुकने और कोहरा छंटने पर हेलीकाप्टर से धाम तक चावल, आटा, सब्जी सहित अन्य जरूरी सामान भेजा गया। धाम में एमआई -26 हेलीकाप्टर की लैडिंग के लिए निम (नेहरू पर्वतारोहण संस्थान) उत्तरकाशी के श्रमिक काम में जुटे हैं।

घटा गंगा का जलस्तर
गंगा का जलस्तर सोमवार को खतरे के निशान (294 मीटर) से दो मीटर नीचे आ गया। सुबह छह बजे जलस्तर 292.40 मीटर और सुबह नौ बजे 292.25 मीटर रिकार्ड किया गया। शाम छह बजे जलस्तर 292 मीटर पर पहुंच गया। एसडीएम बीर सिंह बुदियाल ने बताया कि अलकनंदा नदी में जल बढ़ने की सूचना मिली है। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ सकता है। जिले में हाईअलर्ट जारी है।
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