केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बाद 17 नवंबर को बदरीनाथ के कपाट बंद होने के साथ ही चारधाम यात्रा आगामी छह माह के लिए संपन्न हुई। शीतकाल में बाबा केदार की पूजा-अर्चना ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में होती है। जबकि यमुनोत्री धाम की खरसाली और गंगोत्री धाम की मुखवा में पूजा पाठ व दर्शन किए जाते हैं। बदरीनाथ धाम की पूजा अर्चना व पांडुकेश्वर व नृसिंह मंदिर जोशीमठ में होती है।