वहीं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार पर चारधाम यात्रा ठीक से संचालित नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर यात्रा संचालन में रुचि नहीं दिखा रही है। इसका खामियाजा यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर रावत ने शनिवार को कोटद्वार में एक घंटे का मौन उपवास भी रखा।
जानबूझकर यात्रा में रुचि नहीं ले रही सरकार
अपने फेसबुक पेज पर हरीश रावत ने कहा कि वह सरकार से आग्रह करना चाहते हैं कि चारधाम यात्रा का संचालन व्यवस्थित ढंग से करें। हाईकोर्ट के पास कार्ययोजना प्रस्तुत करें। केदारनाथ में आठ सौ और बदरीनाथ में एक हजार लोगों की ही एंट्री के प्रतिबंध को हटवाएं। सरकार की कार्ययोजना पर ही सब कुछ निर्भर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर यात्रा में रुचि नहीं ले रही है। इससे श्रद्धालुओं के साथ उन लोगों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है, जो पर्यटन और तमाम दूसरी व्यवस्थाओं से जुड़े हैं।
ऋषिकेश: 24 वाहनों से 514 यात्री पहुंचे चारधाम
शनिवार को 24 वाहनों से 514 यात्री चारधाम के लिए रवाना हुए। चारधाम यात्रा पर जाने वाले 27 वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाए गए। एआरटीओ (प्रवर्तन) पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि यात्रियों की संख्या में दिनोंदिन इजाफा हो रहा है। यात्रा के दौरान विभाग की ओर से चेकिंग अभियान पर भी फोकस किया जा रहा है। कुछ लोग टैक्सियों से तो कुछ लोग बस से चारधाम की यात्रा कर रहे हैं। वहीं चारधाम यात्रा की आड़ में कई वाहन संचालक प्राइवेट टैक्सियों से सवारी भरकर अलग अलग धामों के लिए रवाना हो रहे हैं, ऐसे वाहनों चेक पोस्ट पर पकड़कर उनके कागज चेक कर उन्हें सीज किया जा रहा है।