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कीर्तिमान: गुवाहाटी में सोने सी चमकी 'पहाड़ की बेटी' मानसी, पिता को याद कर हुई भावुक, देखें ये खास इंटरव्यू

Wed, 07 Dec 2022 03:40 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

उत्तराखंड की बेटियां लगातार देश विदेश में प्रदेश में का मान बढ़ा रही है। खेलो के माध्यम से नये कीर्तिमान खड़े कर रही है। ऐसी ही एक होनहार बेटी है मानसी नेगी जिन्होंने 73वें नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 10 किलोमीटर वॉकरेस में राष्ट्रीय कीर्तिमान के साथ स्वर्ण पदक जीता है।  
 
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मानसी नेगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड का युवा हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ कर देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी उत्तराखंड का गौरव बढ़ा रहा है। आपको बता दे ऐसी ही एक खिलाड़ी है मानसी नेगी जिन्होंने 73वें नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 10 किलोमीटर वॉकरेस में राष्ट्रीय कीर्तिमान के साथ स्वर्ण पदक जीत कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। 

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कैसा रहा मानसी का चमोली के गांव से गुवाहाटी का सफ़र
चमोली के एक छोटे से गांव से निकल कर राज्य को स्वर्ण पदक दिलाने का मानसी का यह सफ़र जितना चैलेंजिंग था उतना ही प्रेणना दायक। अमर उजाला से ख़ास बातचीत में क्या कुछ कहा मानसी ने चलिए आपको बताते है। 
मानसी कहती है की जब उन्होंने पदक जीता तब सबसे पहले उन्होंने अपने पिता को याद किया, यह कहना है उस बेटी का जिसने अपने पिता को  2016 में ही खो दिया था।  हर चुनौती का डट कर सामना करते हुए मानसी ने न सिर्फ एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है बल्कि स्वर्ण पदक जितने से पहले और कोरोना के बाद लगातार 4 मैचों में हार का सामना करने पर भी हिम्मत और लगन से लोगो के तानो को दरकिनार करते हुए युवाओं के लिए एक उदाहरण भी खड़ा किया है। इसके साथ ही मानसी ने अपने गुरु या कोच  अनूप बिष्ट के साथ का जिक्र किया है वह कहती है की उनके गुरु ने उन्हें एक पिता, एक परिवार की तरह संभाला और उनका साथ दिया है।

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