पिनकोड, गूगल मैप की गड़बड़ी सुधारेंगे प्रगणक
डिजिटल भवन स्व-गणना के दौरान कई लोगों को डर है कि यदि उन्होंने गूगल मैप पर घर की लोकेशन गलत मार्क कर दी या पिन कोड गलत भर दिया तो क्या होगा? निदेशक इवा श्रीवास्तव ने साफ किया है कि स्व-गणना के दौरान यदि कोई तकनीकी चूक होती है तो उसे फाइनल सबमिट के बाद ऑनलाइन नहीं सुधारा जा सकेगा। जब प्रगणक आपके घर के पते पर फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए आएगा तो वह उस गलती को मौके पर ही ठीक कर देगा। अगर किसी सवाल का जवाब गलत दिया होगा तो उसमें भी सुधार किया जा सकेगा।
अब तक 41 हजार स्व-गणना
उत्तराखंड में 10 अप्रैल से डिजिटल भवन स्व-गणना शुरू हुई थी। सोमवार की शाम पांच बजे तक प्रदेशभर में 41,731 लोग स्व-गणना पूरी कर चुके थे। इनमें अल्मोड़ा में 3650, बागेश्वर में 2643, चमोली में 1433, चंपावत में 1920, देहरादून में 7151, पौड़ी में 2113, हरिद्वार में 5233, नैनीताल में 6733, पिथौरागढ़ में 2414, रुद्रप्रयाग में 693, टिहरी में 1460, ऊधमसिंह नगर में 4191 और उत्तरकाशी में 2097 स्व-गणना शामिल हैं।