फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand Cabinet: पहाड़ से राजस्व पुलिस की विदाई की शुरुआत, कर्मचारियों के बोनस और डीए सहित जानें ये फैसले

Thu, 13 Oct 2022 01:55 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 28 प्रस्ताव आए, जिनमें से दो प्रस्तावों को स्थगित किया गया। बाकी 26 प्रस्तावों पर निर्णय हुए। अंकिता हत्याकांड के बाद विवादों में आई राजस्व पुलिस को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। 
विज्ञापन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अंकिता हत्याकांड के बाद विवादों में आई राजस्व पुलिस व्यवस्था को खत्म करने की चरणबद्ध शुरुआत हो गई है। सरकार पहले चरण में उन राजस्व क्षेत्रों में छह पुलिस थाने और 20 पुलिस चौकियां खोलेगी, जहां पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियां तेजी से बढ़ीं हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक यह निर्णय लिया गया। 

विज्ञापन


बुधवार को राज्य सचिवालय में हुई बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी और सचिव गोपन शैलेश बगौली ने कैबिनेट में हुए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल में 28 प्रस्ताव आए, जिनमें से दो प्रस्तावों को स्थगित किया गया। बाकी 26 प्रस्तावों पर निर्णय हुए। बता दें कि अंकिता हत्याकांड के बाद हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सरकार से राजस्व पुलिस व्यवस्था को अब तक खत्म न करने का कारण पूछा है। सरकार को इसका जवाब दाखिल करना है। 

दिवाली से पहले कर्मचारियों को बोनस व डीए 
कैबिनेट में राज्य कर्मचारियों के दिवाली बोनस और चार प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) के दो अलग-अलग प्रस्तावों पर सहमति बनी। इसका निर्णय मुख्यमंत्री पर छोड़ा गया। अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) राधा रतूड़ी ने कहा कि बोनस और डीए का फैसला दिवाली से पहले हो जाएगा।

विज्ञापन

महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण पर अध्यादेश
महिलाओं के 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट जाने के साथ ही प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में अध्यादेश लाने पर सहमति बनी। कैबिनेट ने निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री धामी को अधिकृत किया। 

सेवायोजन विभाग से भी होगी आउटसोर्स भर्ती
उपनल और पीआरडी की तर्ज पर सेवायोजन विभाग के माध्यम से आउटसोर्स भर्ती हो सकेगी। कैबिनेट ने सेवायोजन विभाग को भी आउटसोर्स एजेंसी बनाने का निर्णय लिया है।

एससी-एसटी गरीबों को घर बनाने को मिलेगा अधिक अनुदान
समाज कल्याण विभाग की अटल आवास योजना में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के गरीब परिवारों को घर बनाने के लिए अब प्रधानमंत्री आवास योजना की तरह अधिक अनुदान मिलेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में 38,500 की जगह 1.30 लाख और मैदानी क्षेत्रों में 35 हजार की जगह 1.20 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही ऐसे परिवारों के लिए वार्षिक आय की सीमा को 32 हजार रुपये से बढ़ाकर 48 हजार करने का निर्णय लिया।

व्यापारियों का बीमा 10 लाख किया
कैबिनेट ने जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों का बीमा राशि को पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख करने का निर्णय लिया।
विज्ञापन

ये प्रमुख फैसले भी हुए
- स्कूलों से अब 30 दिन बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर शिक्षा विभाग उन्हें वापस स्कूल लाने के प्रयास करेगा। पहले यह अवधि 60 दिन थी।
- सड़क दुर्घटना राहत निधि के तहत मृत्यु पर मुआवजा एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये किया।
- राज्य सड़क सुरक्षा कोष में अब परिवहन की 25 प्रतिशत के स्थान पर 30 प्रतिशत कंपाउंडिंग फीस जमा होगी।
- परिवहन विभाग में इलेक्ट्रानिक रिकार्ड  यूजर चार्ज की राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये की गई। यूजर चार्ज नियमावली में संशोधन किया। 
- विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग में एक कर्मचारी को सातवां वेतन देने का फैसला।
- वन निगम का वार्षिक लेखा परीक्षा रिपोर्ट को विधानसभा पटल पर आएगी।
- आवास विभाग के तहत पेट्रोल पंप से लैंड यूज परिवर्तन शुल्क कामर्शियल रूप में शहरी क्षेत्र में 15 प्रतिशत और ग्रामीण 7.50 प्रतिशत।
- केंद्र की तर्ज पर उत्तराखंड विश एवं कब्जा विक्रय नियमावली 2022 को मंजूरी।
- सिविल जज (जूनियर डिवीजन) को सिविल जज और सिविल जज (सीनियर डिवीजन) को सीनियर सिविल जज का पदनाम। 
- बागवानी मिशन में एंटी हेल नेट के लिए मिलेगी 75 फीसदी सब्सिडी।
- नैनीताल पर्यटन विकास के लिए कंसलटेंट का चयन। 
- परिवहन लागत को कम करने के लिए लॉजिस्टिक नीति 2022 को मंजूरी।
- समग्र समावेशी शिक्षा के तहत दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई के लिए 143 नए पद सृजित होंगे।
- निजी क्षेत्र के रुड़की कॉलेज आफ इंजीनियरिंग का नाम हरिद्वार विश्वविद्यालय होगा, इसका विधेयक आएगा।
- डार्क रूम में सहायक के 56 पद मानक के अनुसार पुनर्निर्धारित होंगे। 
- कैबिनेट को मानव अधिकार रिपोर्ट सदन में रखे जाने की जानकारी दी।
- उत्तराखंड में कूड़ा फेंकने व थूकने पर अब केवल 5000 रुपये अर्थदंड लगेगा, छह माह के कारावास की शर्त हटाई।
- केदारनाथ मास्टर प्लान में स्थानीय पुराने आवास के ध्वस्तीकरण की मंजूरी। 
- पुलिस आरक्षी के लिए एडिशनल एसआई की नियमावली बनाई। 1750 हेड कांस्टेबल के प्रमोशन होंगे।

ये भी पढ़ें...UP Police Firing In Uttarakhand: महिला की मौत से बढ़ा बवाल, डीआईजी के बयान के बाद बढ़ी यूपी पुलिस की मुश्किल

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें