आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हरीश रावत कैबिनेट की आखिरी बैठक में आखिरकार ये तय हो गया कि उत्तराखंड में नए जिलों का गठन फिलहाल नहीं होने जा रहा है। नए जिलों का गठन पर अब उत्तराखंड की नई सरकार ही कोई फैसला लेगी।
हरीश रावत कैबिनेट ने नए जिलों के गठन पर कोई फैसला नहीं लिया और इसको नई सरकार पर छोड़ने का फैसला लिया। हालांकि कैबिनेट ने नए जिलों के लिए एक हजार करोड़ रुपए का कार्पस फंड बनाए जाने की बात कही।
गौरतलब है कि नए जिलों के गठन को लेकर सरकार पर अपनी ही पार्टी के साथ विपक्षी पार्टी भाजपा का भी दबाव था। आगामी विधानसभा चुनाव में सियासी लाभ लेने के लिए कांग्रेस संगठन और विपक्ष पार्टी भाजपा लगातार सरकार से नए जिलों के गठन की मांग कर रही थी।
माना भी जा रहा था कि विधानसभा चुनाव पहले आज होने वाली हरीश रावत कैबिनेट की अंतिम बैठक में इस पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है लेकिन मंगलवार सुबह कैबिनेट की बैठक से पहले ही मुख्यमंत्री हरीश रावत ने साफ कर दिया था कि नए जिलों का गठन पर फैसला हीं होगा। रावत ने ये भी कहा कि उन्हें नए जिले के गठन ना कर पाने का मलाल रहेगा।
बहरहाल, अब देखना ये होगा कि लंबे वक्त ये जिन नए जिलों के गठन की मांग स्थानीय लोग कर रहे थे, वो अब आगामी विधानसभा चुनाव में क्या इसको जेहन में रखते हुए वोट करेंगे या नहीं।
मंगलवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। यह बैठक करीब डेढ़ घंटे चली। बैठक में नगर पंचायत भीमताल को नगर पालिका का दर्जा दिया गया और ऋषिकेश नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा दिया गया।
ब्रिज रोपवे टनल एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का गठन किया गया। बैठक में उत्तराखंड केंद्रीय कर्मचारी सेवा नियमावली 2016 को स्वीकृति मिली है। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं...
- शहरी विकास विभाग के ढांचे में बदलाव किया जाएगा
- नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त को लेकर नई नियमावली को कैबिनेट ने दी मंजूरी
- जिलों के पुनर्गठन पर अगली सरकार लेगी निर्णय
- पर्वतीय क्षेत्रों के नॉर्म्स में बदलाव होगा
- गढ़वाल यूनिवर्सिटी के लिए अंशकालिक शिक्षकों की व्यवस्था होगी
- पहाड़ी क्षेत्रों के विश्विद्यालयों में संविदा पर आ सकते हैं शिक्षक
- कुमाऊं के 24 लेक्चरर को मिलेगा फायदा
- ट्यूबवेल का 50 प्रतिशत चार्ज राज्य सरकार करेगी वहन
- भागीरथी ईको सेंसिटिव जोन पर चर्चा हुई
- एनजीटी के सवाल पर मास्टरप्लान सबमिट किया गया
इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को पत्र सौंपकर नए जिलों के नामों की घोषणा करने की मांग की थी।
मंगलवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत को दिए गए पत्र में किशोर उपाध्याय ने पत्र में लिखा है कि 2012 विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में राज्य में छोटी ईकाइयों को बनाने का वायदा किया था। इस संबंध में कार्यवाही करने का अनुरोध करने के साथ किशोर उपाध्याय ने यह पत्र मुख्यमंत्री हरीश रावत को सौंपा था।