अब सरकार ने तय किया है कि विकास प्राधिकरणों में नक्शा पास करने के लिए वसूले जाने वाले विकास शुल्क का 10 प्रतिशत हिस्सा अब हर साल मलिन बस्तियों के विकास पर खर्च किया जाएगा। इस फैसले का लाभ सबसे पहले नगर निगम के प्रोजेक्ट को मिल सकता है।
मंडलायुक्त की समिति बनेगी
विकास शुल्क से मिलने वाली धनराशि का पूरा वितरण, व्यय और सुनवाई से संबंधित कार्रवाई मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी। इसमें संबंधित प्राधिकरण के उपाध्यक्ष या डीएम सदस्य सचिव होंगे और नगरग आयुक्त, मुख्य नगर अधिकारी, अधिशासी अधिकारी इस समिति में सदस्य होंगे।