छात्रवृत्ति के लिए ये अनिवार्यताएं होंगी
योजना का लाभ लेने के लिए छात्र-छात्राओं को राज्य में चल रहे राजकीय, राजकीय सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं (केंद्रीय और आवासीय विद्यालयों को छोड़कर) से कक्षा पांच संस्थागत रूप से उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। वर्तमान में कक्षा छह में संस्थागत छात्र-छात्रा के रूप में अध्ययनरत होना भी अनिवार्य है। कक्षा छह एवं सात में प्रत्येक कक्षा में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 75 प्रतिशत एवं 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किया जाना अनिवार्य होगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षा और वार्षिक परीक्षा में पांच प्रतिशत अंक की छूट दी जाएगी। इस छात्रवृत्ति के लिए किसी भी छात्र-छात्रा को राज्य सरकार की अन्य छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभार्थी नहीं होना चाहिए। छात्र के माता-पिता या अभिभावक की वार्षिक आय की कोई बाध्यता नहीं होगी। छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन एससीईआरटी उत्तराखंड देहरादून की ओर से किया जाएगा।
आकलन
राज्य के 95 विकासखंडों में कक्षा पांचवीं उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं की कुल संख्या 79532 है। अगर सभी छात्र प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होते हैं तो छात्रवृत्ति के लिए अर्ह 10 प्रतिशत छात्र-छात्राओं की संख्या 7953 होगी। इस छात्रवृत्ति को शुरुआत में प्रथम वर्ष में कक्षा छह में अध्ययनरत चयनित छात्रों को प्रदान किया जाएगा, जिसे अगले वर्षों में निर्धारित पात्रता के अनुसार कक्षा आठवीं तक दिया जाएगा।
ये होंगे छात्रवृत्ति के लिए पात्र
| कक्षा |
दर |
पात्रता |
| छह |
600 |
ब्लॉक स्तर पर कक्षा पांच पास छात्रों के बीच प्रतियोगी परीक्षा के आधार पर श्रेष्ठ 10 प्रतिशत को |
| सात |
700 |
700 कक्षा छह में 75 प्रतिशत उपस्थिति के साथ ही 60 प्रतिशत अंक अनिवार्य |
| आठ |
800 |
800 कक्षा सात में 75 प्रतिशत उपस्थिति एवं 60 प्रतिशत अंक अनिवार्य |
| नौंवी |
900 |
900 ब्लॉक स्तर पर कक्षा आठ पास छात्रों के बीच प्रतियोगी परीक्षा के आधार पर श्रेष्ठ 10 प्रतिशत को |
| 10 वीं |
900 |
900 नौंवी में 75 प्रतिशत उपस्थिति एवं 70 प्रतिशत अंक अनिवार्य |
| 11 वीं |
1200 |
1200 उत्तराखंड बोर्ड की 10 वीं परीक्षा में 80 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर |
| 12 वीं |
1200 |
1200 कक्षा 11 में 75 प्रतिशत उपस्थिति एवं 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य |
प्रदेश के करीब 55 हजार से अधिक छात्र यह छात्रवृत्ति पाएंगे। इनमें छह से आठवीं तक के 24 हजार, नौंवी से 10वीं तक 15 हजार और 11वीं व 12वीं के 16 हजार से अधिक छात्र-छात्रवृत्ति पाएंगे।
- बंशीधर तिवारी, शिक्षा महानिदेशक