वहीं अतिथि शिक्षक संघ ने कैबिनेट में उनके पदों को खाली न माने जाने के निर्णय के बाद भी उनकी सेवाएं प्रभावित होने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि विभाग में नियमित नियुक्ति के शिक्षकों की पदोन्नति होनी है। यदि सरकार ने उनके सुरक्षित भविष्य की दिशा में कोई कदम न उठाया तो बड़ी संख्या में गेस्ट टीचर प्रभावित होंगे।
अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष आशीष जोशी ने कहा कि प्रदेश के चार हजार से अधिक गेस्ट टीचरों को सरकार से उनके सुरक्षित भविष्य को लेकर कोई निर्णय होने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार की ओर से अब तक इस दिशा में कोई निर्णय नहीं लिया गया। इससे उनकी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
हाल ही में एलटी कला विषय में अल्मोड़ा से दीपा नैनवाल और उत्तरकाशी से एलटी कला विषय में दीप्ति की जगह नियमित शिक्षक के आने से उनकी सेवाएं प्रभावित हुई है। जिले के दूसरे स्कूल में इसी विषय के पद खाली हैं। इसके बावजूद इनकी जगह नियमित शिक्षक की नियुक्ति कर दी गई। जोशी ने कहा कि विभाग में एलटी के करीब 1400 शिक्षकों की नियुक्तियां होनी हैं। जबकि एलटी से लेक्चरर में पदोन्नति के 2200 से अधिक पद हैं। अतिथि शिक्षकों के हित में कोई कदम न उठाया तो बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक प्रभावित होंगे। अतिथि शिक्षक संघ ने कहा कि सरकार की इस अनदेखी के खिलाफ संगठन आंदोलन को बाध्य होगा।