पड़ोसी राज्यों के मुकाबले महंगे बिक रहे पेट्रोल-डीजल का मूल्य कम करने को लेकर राज्य कैबिनेट की बैठक में अहम फैसला हुआ है। यह तय हुआ है कि इसकी बिक्री पर सेस नहीं लिया जाएगा।
इससे पेट्रोल 25 पैसे, जबकि डीजल पचास पैसे प्रति लीटर सस्ता हो जाएगा। भविष्य निधि की राशि की निकासी सीमा बढ़ाने संबंधी एक अन्य प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने यह भी तय किया है कि राज्य का कोई भी ठेका अब यूपीआरएनएन को नहीं दिया जाएगा। इसके बजाए राज्य की ही कार्यदायी संस्था को प्राथमिकता दी जाएगी।
माह के निर्धारित दूसरे बुधवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक सचिवालय में सुबह 11 बजे आयोजित की गई। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुलाई गई कैबिनेट की बैठक में कुल 13 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इसमें पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर लगने वाले सेस को समाप्त करने संबंधी अहम फैसला भी हुआ। इसके तहत पेट्रोल अब मौजूदा मूल्य से 25 पैसे और डीजल पचास पैसे कम बिकेगा।
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यह व्यवस्था पड़ोसी राज्य यूपी में सस्ते डीजल-पेट्रोल की दरों को देखते हुए की गई है। दरअसल कम मूल्य होने के चलते सीमावर्ती जिलों में उत्तर प्रदेश के पंप से ईंधन भरवाने का चलन आरंभ हो गया था, जिससे उत्तराखंड को राजस्व की हानि हो रही थी। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम लि. (यूपीआरएनएन) को किसी भी प्रकार का ठेका न दिए जाने संबंधी प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मुहर लग गई है।
साथ ही निगम द्वारा कराए जा रहे मौजूदा सभी कार्यों का नियोजन विभाग एवं थर्ड पार्टी के जरिए तकनीकि एवं वित्तीय परीक्षण कराया जाएगा। इसी क्रम में जीएसटी लागू होने से पूर्व व्यापारियों के हित में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को कैबिनेट ने पास किया है। इसके तहत मौजूदा मूल्य संवर्धित कर (वैट) व्यवस्था के पिछले तीन साल के मामलों में स्वकर निर्धारण (सेल्फ असेसमेंट) को मंजूरी दे दी गई है।
लोक सेवकों के माता-पिता भी आश्रित के तौर पर मान्य होंगे
व्यापारी अपने कर का निर्धारण स्वयं करेंगे और विभाग इसका निस्तारण करेगा। एक अन्य फैसले में नैनीताल परिवहन निगम को बस स्टाप बनाने के लिए मंडी परिषद की 0.527 हेक्टेयर भूमि निशुल्क हस्तांतरित करने पर भी सहमति बन गई है। इसी तरह लोक सेवा आयोग के वार्षिक प्रत्यावेदन को भी सदन में रखने की बात कैबिनेट की बैठक में तय हुई है। राज्य के ऐसे एमबीबीएस डॉक्टर जो एमडी करते हैं, उन्हें शुरू के दो वर्ष आधा वेतन दिया जाता है, जबकि तीसरे वर्ष कुछ भी नहीं मिलता था।
इस पर कैबिनेट ने तीसरे वर्ष में भी आधा वेतन इस शर्त पर दिए जाने की मंजूरी दी है कि एमडी बनने के बाद वे कम से कम पांच साल राज्य में अपनी सेवाएं देंगे। यूपी पुर्नगठन एक्ट-2000 की धारा 80 के तहत गंगा मैनेजमेंट बोर्ड बनाने से संबंधित एक प्रस्ताव को कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत, सुबोध उनियाल और हरक सिंह रावत की कमेटी को परीक्षण के लिए सौंपा गया है।
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वे इसमें आड़े आ रही कानूनी पेचीदगियों को लेकर अपनी राय देंगे। खाद्य विभाग के एक प्रस्ताव में राशन की दुकानों पर प्वाइंट ऑफ सेल (पॉस) मशीनों को लगाने की मंजूरी दे दी गई है। इन्हें जुलाई से पहले हर हाल में लगा दिया जाएगा। एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव में उत्तराखंड भविष्य निधि नियमावली में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है।
इसके तहत अब लोक सेवकों के माता-पिता भी आश्रित के तौर पर मान्य होंगे। अभी तक इसमें अविवाहित भाई-बहन का नाम ही शामिल था। इसके अतिरिक्त अब एक बार में जीपीएफ का साढ़े 12 प्रतिशत हिसस्सा निकाला जा सकेगा, जो फिलहाल दस फीसदी था। वहीं उत्तराखंड भूगर्भ जल (विकास एवं प्रबंधन का विनियमन एवं नियंत्रण-16) अधिनियम को विधानसभा में लाकर निरस्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। इसके बजाए उत्तराखंड जल प्रबंधन एवं नियामक अधिनियम -13 को प्रभावी रखा जाएगा।
कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसला
- यूपीआरएनएन को नहीं मिलेंगे नए काम। पुराने कामों का नियोजन विभाग और थर्ड पार्टी के जरिए तकनीकि और वित्तीय परीक्षण कराया जाएगा।
- पेट्रोल और डीजल पर सेस को समाप्त कर दिया गया है। इससे पेट्रोल 25 पैसे और डीजल 50 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो जाएगा।
- जीएसटी लागू होने से पहले वैट में पंजीकृत व्यापारियों के पिछले तीन साल के मामलों में स्वकर निर्धारण प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
- नैनीताल परिवहन निगम को बस स्टाप के लिए मंडी परिषद की 0.527 हेक्टेयर भूमि परिवहन निगम को निशुल्क हस्तांतरित की जाएगी।
- लोक सेवा आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें वर्ष भर में की गई नियुक्तियों का ब्यौरा आदि सूचनाएं होती हैं।
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- एमबीबीएस डाक्टर जो एमडी करते हैं, उन्हें तीसरे वर्ष भी आधी तनख्वाह दी जाएगी। बशर्ते वे एमडी बनने के बाद पांच साल राज्य में सेवाएं दें।
- यूपी पुर्नगठन एक्ट-2000 की धारा 80 के तहत गंगा मैनेजमेंट बोर्ड बनाने के प्रस्ताव का कैबिनेट कमेटी परीक्षण करके अपनी रिपोर्ट देगी।
- खाद्य विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। ऐसे में राशन की दुकानों पर प्वाइंट ऑफ सेल मशीनों को जुलाई तक लगाया जाएगा।
- उत्तराखंड भविष्य निधि नियमावली में संशोधन को मंजूरी। इसके बाद अब लोकसेवक के अविवाहित भाई-बहन के अलावा माता-पिता भी आश्रित माने
जाएंगे।
- उत्तराखंड भूगर्भ जल (विकास एवं प्रबंधन का विनियमन एवं नियंत्रण-16) को निरस्त कर उत्तराखंड जल प्रबंधन एवं नियामक अधिनियम-13 को प्रभावी बनाया जाएगा।