हमने मर्यादित आचरण किया, अभिभाषण में विजन नहीं: विपक्ष
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विरोध प्रदर्शन करने को लेकर सत्ता पक्ष की आलोचनाओं के बीच विपक्ष ने अपने आचरण को मर्यादित बताया है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि विपक्षी सदस्यों ने मर्यादा में रहकर लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग किया है। राज्यपाल के अभिभाषण में ऐसा कुछ भी नहीं कि उसकी तारीफ की जाए। अभिभाषण में विजन की कमी है। मंगलवार को चर्चा के दौरान हम अपनी बात रखेंगे। इसके साथ ही सदन में काम रोको प्रस्ताव के तहत भर्ती घोटाला और गन्ना मूल्य बढ़ाए जाने की मांग का मुद्दा उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि अभिभाषण में कोई सोच नहीं दिखाई दी। अभिभाषण में पुरानी लकीर पर चलने का काम हुआ है, आज कई ज्वलंत प्रश्न हैं। रोजगार का सवाल नदारद है। आपदा क्षेत्रों के लिए पुनर्वास नीति नदारद है। कर्णप्रयाग में दरारें पड़ी हैं, मुन्स्यारी खत्म हो रहा है लेकिन ये दोनों मुद्दे अभिभाषण में नहीं हैं, गैरसैंण तक का जिक्र नहीं है। हंगामा काटना हमारी फितरत नहीं है लेकिन नियमों के तहत प्रश्न उठाना हमारी जिम्मेदारी है। सरकार के मंत्री तैयारी करके नहीं आते तो इसमें दोष विपक्ष का नहीं है।
राज्यपाल का अभिभाषण प्रदेश सरकार का दस्तावेज होता है। सभी जानते हैं कि पिछले एक साल में वर्तमान सरकार ने कुछ नहीं किया। लोग भ्रष्टाचार, घोटाले, बेरोजगारी और महंगाई से त्रस्त हैं। हम सदन में काम रोको प्रस्ताव के तहत हम गन्ना किसानों और बेरोजगारों का मुद्दा उठाएंगे।
-प्रीतम सिंह, विधायक, कांग्रेस