राज्य कर: वर्ष 2019-20 में कुल टैक्स संग्रह 7210.87 करोड़ का रहा। पिछले साल की तुलना में इसमें 18 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। प्रदेश सरकार की वैट से आय बढ़ी है, लेकिन पेट्रोल, डीजल, प्राकृतिक गैस और शराब से 3.79 प्रतिशत कम आय कम हुई है।
बैंकिंग : 31 दिसंबर 2019 तक 2366 बैंक शाखाओं का नेटवर्क है। जिसमें 48.22 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र और 25.23 प्रतिशत अर्द्धशहरी, 54 प्रतिशत शहरी क्षेत्र में स्थित हैं। नेशनल फाइनेंशियल स्विच से जोड़ने वाला उत्तराखंड सहकारी बैंक देश का पहला बैंक बन गया है।
परिवहन : आर्थिक सर्वे में कहा गया कि आर्थिक विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बुनियादी ढांचे में बड़े पैमाने पर निवेश जरूरी है। वर्ष 2020-21 तक 889 किलोमीटर लंबाई में मार्गों का दो लेन चौड़ाई में पक्के शोल्डर बनाए जाएंगे। 15 बड़े पुल, चंबा और राडी टॉप में सुरंग, सोनप्रयाग, मनेरी और मरीन ड्राइव में एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी। बुनियादी ढांचे के विकास के तहत सेतु भारतम योजना, ओवरब्रिज, बाईपास एवं रिंग रोड, फ्लाईओवर आदि का निर्माण करने का इरादा जताया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में दिसंबर 2019 तक 1425 गांवों को सड़कों से जोड़ दिया गया था। 31 मार्च 2020 तक 143 गांवों को सड़कों को जोड़ना, 75 पुल निर्माण का लक्ष्य रखा गया।
उद्योग: जीडीपी में उद्योगों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। मार्च 2020 तक तीन बड़े उद्योग, पांच मध्यम, 45 छोटे और 724 माइक्रो उद्योग स्थापित होंगे। इनमें 365 करोड़ का नया पूंजी निवेश और 5750 लोगों को रोजगार मिलेगा।
कृषि - 10.57 प्रतिशत
उद्योग धंधे - 48.93 प्रतिशत
सेवा क्षेत्र - 40.50 प्रतिशत
2018-19 में प्रतिव्यक्ति आय 198738 रुपये
कहने को पर्यटन प्रदेश, घटता गया बजट
प्रदेश में सत्तारूढ़ रही सरकारों ने उत्तराखंड को सदैव पर्यटन राज्य का दर्जा दिया, लेकिन बजट के नाम पर ये सेक्टर सबसे उपेक्षित सेक्टरों में से एक है। आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े इस तथ्य की तस्दीक कर रहे हैं।
वर्ष बजट में हिस्सेदारी जीएसडीपी
2004-05 00.67 00.19
2005-06 00.73 00.19
2006-07 00.81 00.20
2007-08 00.81 00.19
2008-09 00.65 00.13
2009-10 00.32 00.06
2010-11 00.55 00.10
2011-12 00.33 00.05
2012-13 00.30 00.05
2013-14 00.40 00.06
2014-15 00.58 00.10
2015-16 00.48 00.08
2016-17 00.45 00.08
2017-18 00.27 00.05
2018-19 00.33 00.06